Ranchi News: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को सोमवार को चार दिनों की पुलिस रिमांड अवधि पूरी होने के बाद रांची सिविल कोर्ट के एसीबी कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें पुनः न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले के अनुसंधान पदाधिकारी द्वारा अवैध तरीके से अर्जित आय और संपत्ति से जुड़े तथ्यों की गहन पूछताछ के लिए 30 जनवरी को विनय चौबे को चार दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। इस रिमांड की अवधि 2 फरवरी को शाम चार बजे समाप्त हो गई। इसके बाद नियमानुसार उन्हें एसीबी की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया गया। अदालत में पेशी के दौरान विनय चौबे की ओर से डालसा के एलएडीसी अधिवक्ता बीरेंद्र प्रताप ने उनका पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। बताया जा रहा है कि रिमांड अवधि के दौरान एसीबी की टीम ने उनसे अवैध रूप से अर्जित संपत्ति, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन को लेकर गहन पूछताछ की है।
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कांड संख्या 20/2025 के तहत इस मामले में कार्रवाई करते हुए 28 जनवरी को विनय कुमार चौबे को गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। एसीबी को प्रारंभिक जांच में कई संदिग्ध संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार रिमांड अवधि में एसीबी अधिकारियों ने विनय चौबे से उनकी चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, पारिवारिक सदस्यों के नाम पर की गई खरीद-बिक्री और अन्य वित्तीय लेन-देन के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी। कुछ दस्तावेजों और संपत्तियों को लेकर उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, जिसके आधार पर आगे भी जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। एसीबी सूत्रों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और अवैध संपत्ति के स्रोतों की पूरी पड़ताल की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आगे भी उनसे पूछताछ की जा सकती है। फिलहाल इस मामले में कई महत्वपूर्ण कड़ियां जोड़ने का प्रयास जारी है। इस पूरे प्रकरण पर प्रशासनिक हलकों की भी नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।