Ranchi News: रांची जेल में कैदी भोमा सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कुख्यात अपराधी अनिल शर्मा की समयपूर्व रिहाई की मांग वाली याचिका को झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि 14 वर्ष से अधिक कारावास काट लेने मात्र से समयपूर्व रिहाई का अधिकार नहीं दिया जा सकता, खासकर तब जब आरोपी की ओर से जेल में गंभीर अपराध भी किया गया हो।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि 29 वर्ष जेल में रहने के बावजूद अनिल शर्मा को रिहाई क्यों नहीं दी गई। सरकार की ओर से बताया गया कि अनिल शर्मा ने जेल में रहते हुए एक अन्य कैदी की हत्या की थी। इतना ही नहीं, रिम्स में इलाज के दौरान वह फरार भी हो गया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सजा पुनरीक्षण बोर्ड ने उसकी रिहाई योग्य नहीं माना और बोर्ड के इस निर्णय को बरकरार रखा गया है। याचिका में अनिल शर्मा की ओर से कहा गया था कि वह 29 वर्षों से जेल में है और उम्रकैद की सजा पूरी हो चुकी है, इसलिए उसे समयपूर्व रिहा किया जाए।
ज्ञात हो कि 22 जनवरी 1999 को बिरसा मुंडा जेल में अनिल शर्मा ने अपने साथियों बबलू श्रीवास्तव, निरंजन कुमार सिंह, सुशील श्रीवास्तव और मधु मियां के साथ मिलकर कैदी भोमा सिंह की छुरा घोंपकर हत्या कर दी थी। इसी मामले में उसे उम्रकैद की सजा मिली थी।