Ranchi News: खूंटी अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी सुखदेव भगत को सिविल कोर्ट रांची के एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने गुरुवार को रिश्वत लेने से जुड़े एक भ्रष्टाचार मामले में अहम फैसला सुनाते हुए पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट के इस फैसले से आरोपी को बड़ी राहत मिली है। गौरतलब है कि एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 20 अगस्त 2010 को सुखदेव भगत को 2000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वह परिवादी दिलीप राम से दाखिल-खारिज के एवज में रिश्वत मांग रहा था। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह महाराणा ने प्रभावी तरीके से पक्ष रखा और अभियोजन के साक्ष्यों पर सवाल खड़े किए। अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह पाया कि रिश्वत लेने का आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सका।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सूचक दिलीप राम, एसीबी के तत्कालीन डीएसपी श्रीकांत कच्छप समेत कुल 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। हालांकि, ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाह के बयान में विरोधाभास सामने आया, जिससे मामला कमजोर पड़ गया। करीब नौ साल तक गवाही और सुनवाई चलने के बाद अदालत ने आरोपी को बरी करने का आदेश दिया। कोर्ट के इस फैसले को आरोपी के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।