high court news

झारखंड हाई कोर्ट ने लाउड स्पीकर के इस्तेमाल पर लगाई रोक, जानें त्योहारों को लेकर क्या है निर्देश

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 12 Oct, 2023
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
jharkhand high court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने ध्वनि प्रदूषण पर रोक के लिए सरकार को सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने रात दस बजे से सुबह छह बजे तक बैंड- बाजा, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

झारखंड हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि त्योहार पर ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमावली के तहत रात दस बजे से 12 बजे तक इसमें छूट दी जा सकती है। रात 12 बजे के बाद इसके इस्तेमाल पर रोक रहेगी।अदालत ने अस्पतालों और नर्सिंग होम के 100 मीटर के दायरे को साइलेंट जोन घोषित करने का भी निर्देश दिया है।

See also  JSSC News: नई नियमावली के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल, कहा- हिंदी भाषा को हटाना समानता के अधिकार का उल्लंघन

झारखंड हाई कोर्ट ने कहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर बजने वाले ध्वनि विस्तारक यंत्र 10 डेसीबल से अधिक नहीं होना चाहिए। निजी स्थानों के लिए यह सीमा पांच डेसिबल ही रहेगी।

झारखंड हाई कोर्ट ने कहा- सभी उपायुक्त जारी करें निर्देश

अदालत ने राज्य के सभी उपायुक्तों को इस संबंध में निर्देश और संबंधित अधिकारियों का मोबाइल नंबर जारी करने का निर्देश दिया, जिस पर पीड़ित लोग शिकायत कर सके। अदालत ने पीसीआर वैन के मोबाइल नंबर भी जारी करने का निर्देश दिया है ताकि लोग ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ शिकायत कर सकें।

अदालत ने ध्वनि प्रदूषण की शिकायत के बाद संबंधित अधिकारियों को उचित कदम उठाने को कहा है। साथ ही एंप्लीफायर, लाउड स्पीकर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि जब्त कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार को इस मामले प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई पांच दिसंबर को निर्धारित की है।

See also  राष्ट्रीय खेल घोटालाः आरके आनंद की याचिका पर बहस पूरी, फैसला सुरक्षित

इस संबंध में हाई कोर्ट स्वत: संज्ञान और झारखंड सिविल सोसाइटी की याचिका पर एक साथ सुनवाई कर रहा है। प्रार्थियों की ओर से कहा गया है कि सरकार ने ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए जो नियम बनाए हैं उसका पालन नहीं होता। शिकायत करने पर कोई कार्रवाई भी नहीं होती। अदालत को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए।

Facebook PageClick Here
WebsiteClick Here
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment