Jharkhand

JHALSA News: जनता का विश्वास तभी कायम रहेगा, जब सरकारी धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन से हो: जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 04 Jul, 2026
2 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
JHALSA News: जनता का विश्वास तभी कायम रहेगा, जब सरकारी धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन से हो: जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
  • झालसा ऑडिटोरियम में डीएलएसए सचिवों और लेखा कर्मियों के लिए ‘फाइनेंशियल मैनेजमेंट’ पर राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित
  • पीएलवी और मध्यस्थों के मानदेय भुगतान में देरी न हो, डीएलएसए सचिव बरतें संवेदनशीलता: झालसा कार्यपालक अध्यक्ष
  • विधि की पढ़ाई में वित्तीय नियम नहीं सिखाए जाते, इसलिए ऐसी कार्यशालाएं व्यावहारिक ज्ञान के लिए जरूरी: जस्टिस अनिल कुमार चौधरी

Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा है कि किसी भी संस्था का विकास जनता के विश्वास पर निर्भर करता है। जनता का यह विश्वास तभी कायम रह सकता है, जब सार्वजनिक धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और कड़े वित्तीय अनुशासन के साथ किया जाए। वे शनिवार को डोरंडा स्थित न्याय सदन के झालसा ऑडिटोरियम में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। झालसा की ओर से आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला का विषय “फाइनेंशियल मैनेजमेंट (फॉर एन्हांसमेंट ऑफ फाइनेंशियल स्किल्स इन डीएलएसए)” था। इसमें राज्य के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकारों (DLSA) के सचिवों, लेखा पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को सरकारी वित्तीय नियमों (GFR), बजट निर्माण और ऑडिट प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।

See also  HC News: नामकुम अंचल भूमि घोटाला: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच पूरी, पीई दर्ज करने के लिए सरकार से अनुमति का इंतजार; भू-राजस्व प्रधान सचिव पक्षकार बनाए गए

सीमित संसाधनों में परिवार की तरह चलाएं संस्था: जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद

जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने वित्तीय प्रबंधन को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि जिस प्रकार सीमित संसाधनों में परिवार का संचालन प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाता है, उसी प्रकार संस्था का वित्तीय प्रबंधन भी सुविचारित योजना के अनुसार होना चाहिए।

  • सचिवों की भूमिका अहम: डीएलएसए सचिवों की भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि वित्तीय भी है। उन्हें यथार्थवादी बजट निर्माण, धनराशि की मांग, समय पर उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) भेजने और ऑडिट आपत्तियों के त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • सीएजी की व्यवस्था का सम्मान करें: उन्होंने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की व्यवस्था सार्वजनिक धन पर निगरानी के लिए है, इसलिए सभी अधिकारी ऑडिट और लेखा-जोखा के प्रति गंभीर रहें।
See also  Ranchi/H Court: कुख्यात अमन श्रीवास्तव गिरोह के नाम पर लेवी वसूलने की साजिश के आरोप में जेल में बंद शिव शर्मा को हाईकोर्ट से मिली जमानत

पीएलवी और मध्यस्थों का मानदेय समय पर मिले

कार्यशाला के दौरान जस्टिस प्रसाद ने पैरालीगल वालंटियर्स (PLV) और मध्यस्थों (Mediators) के मानदेय का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा, “ये लोग विधिक सेवा संस्थानों की रीढ़ हैं और समाज की सेवा के लिए अपना समय देते हैं। भुगतान में अनावश्यक विलंब से उनका मनोबल प्रभावित होता है।” उन्होंने सभी डीएलएसए सचिवों से इस दिशा में विशेष संवेदनशीलता बरतने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

JHALSA News: जनता का विश्वास तभी कायम रहेगा, जब सरकारी धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन से हो: जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद

वित्तीय नियम सार्वजनिक धन की सुरक्षा के लिए: जस्टिस अनिल कुमार चौधरी

झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अनिल कुमार चौधरी ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन की जानकारी प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “विधि (Law) की पढ़ाई के दौरान वित्तीय नियमों का अध्ययन नहीं कराया जाता, इसलिए इस प्रकार की कार्यशालाएं अधिकारियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती हैं।” उन्होंने कहा कि कई बार सरकारी वित्तीय नियम सामान्य समझ से अलग लग सकते हैं, लेकिन उनका मूल उद्देश्य सार्वजनिक धन की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना होता है।

See also  Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन चुनाव की पुनर्मतगणना बुधवार को, सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम

विशेषज्ञों ने दिए वित्तीय गुरुमंत्र

इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजन के स्वागत भाषण से हुई। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञ संसाधन प्रदाताओं ने प्रतिभागियों को सामान्य वित्तीय नियम (GFR), डिजिटल भुगतान प्रणाली, लेखा संधारण तथा सर्वोत्तम वित्तीय कार्यप्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के समापन पर झालसा के उप सचिव अभिषेक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथियों, न्यायाधीशों, विशेषज्ञों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

CourtNews Desk

1,848 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment