high court news

JE Appointment: हाईकोर्ट ने संविदा पर होने वाली नियुक्ति की मेरिट लिस्ट प्रकाशित करने पर लगाई रोक, सरकार से मांगा जवाब

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 22 Sep, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
high court of jharkhand
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: JE Appointment झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में ग्रामीण विकास विभाग में संविदा पर कनीय अभियंता की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने अगली सुनवाई तक कनीय अभियंता की नियुक्ति के लिए जारी होने वाली मेरिट लिस्ट पर रोक लगा दी है।

अदालत ने यह भी कहा कि अगर इसके लिए मेरिट लिस्ट जारी भी कर दी गई है, तो वह प्रभावी नहीं होगी। रांची जिले में होने वाली नियुक्ति की मेरिट लिस्ट पर ही रोक है। इस मामले में अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले में अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।

See also  Jharkhand High Court New Building: नए भवन निर्माण की मूल फाइल कोर्ट में पेश करेंः हाईकोर्ट

रांची जिला में होनेवाले कनीय अभियंता की नियुक्ति के खिलाफ उत्तम कुमार की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि ग्रामीण विकास विभाग की ओर से संविदा पर (विज्ञापन संख्या 252-II/2020-21) कनीय अभियंता की नियुक्ति के लिए जिलास्तर पर विज्ञापन जारी किया गया था।

इसे भी पढ़ेंः Bombay High Court: रेप के बाद शादी से बचने के लिए प्रेमी ने ज्योतिष का दिया हवाला, अदालत ने कहा- नहीं चलेगा ये बहाना

विज्ञापन में शैक्षणिक योग्यता के लिए सिविल अभियंता में डिप्लोमा होल्डर के लिए 60 प्रतिशत अंक और एससी-एसटी के लिए 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य था। परीक्षा होने के बाद विभाग की ओर से जारी प्रोविजनल मेरिट लिस्ट में पाया गया कि सीधे बीटेक करने वाले कई अभ्यर्थियों को चयन किया गया है।

See also  स्कूल फीस: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर झारखंड सरकार दे जवाब

जबकि डिप्लोमा करने वालों का कैरिकुलम, कोर्स और पढ़ाई सीधे बीटेक करने वालों से अलग होती है। साथ ही विज्ञापन में कनीय अभियंता के लिए डिप्लोमा होल्डर या समकक्ष की ही शर्त दी गई थी। ऐसे में नियुक्ति में अनियमितता हुई है। इसलिए मेरिट लिस्ट को निरस्त किया जाए।

वादी की ओर से कहा गया कि पांच सितंबर को इसके लिए परीक्षा हुई है और दस सितंबर को प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी किया है। अदालत ने वादी के अधिवक्ता की दलीलों को मानते हुए अगले आदेश तक रांची जिले की मेरिट लिस्ट को प्रकाशित करने पर रोक लगा दिया है। साथ ही, राज्य सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment