झारखंड में बिना पर्यावरण स्वीकृति के चल रहे प्रोजेक्ट पर रोक मामले में बहस पूरी, हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की पीठ में राज्य में बिना पर्यावरण स्वीकृति के चल रहे प्रोजेक्ट पर रोक लगाने के सरकार के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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high court of jharkhand

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की पीठ में राज्य में बिना पर्यावरण स्वीकृति के चल रहे प्रोजेक्ट पर रोक लगाने के सरकार के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। एनजीटी के आदेश के आलोक में राज्य सरकार ने बिना पर्यावरण स्वीकृति के राज्य में चल रहे सभी प्रोजेक्ट को बंद करने का आदेश दिया है। इसके खिलाफ क्रेडाई ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

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सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि पिछले दिनों राज्य में सिया कार्यरत नहीं थी। इसके चलते बिना पर्यावरण स्वीकृति के प्रोजेक्ट चल रहे थे। लेकिन अब सिया का गठन हो गया और हाई कोर्ट के नए भवन को पर्यावरण स्वीकृति दी गई है। ऐसे में राज्य के सभी प्रोजेक्ट को भी सिया की ओर से पर्यावरण स्वीकृति दी जा सकती है। सरकार की ओर से अधिवक्ता सचिव कुमार ने कहा कि एनजीटी के आदेश पर ही प्रोजेक्ट पर रोक लगाई गई है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ही सिया का गठन करता है। इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।