Ranchi News: बोकारो की 18 वर्षीय लापता युवती से जुड़े मामले में जंगल से मिले नरकंकाल का डीएनए टेस्ट नहीं कराए जाने पर Jharkhand High Court ने कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने डीजीपी, बोकारो एसपी, एफएसएल निदेशक और नई एसआईटी टीम को गुरुवार सुबह 10:30 बजे सभी दस्तावेजों के साथ तलब किया है।सुनवाई के दौरान डीजीपी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित हुईं। कोर्ट ने कहा कि माता-पिता और कंकाल के नमूने लेकर कुछ ही घंटों में डीएनए जांच कराई जा सकती थी, फिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। Sujit Narayan Prasad और Sanjay Prasad की खंडपीठ ने चेतावनी दी कि यदि जांच में लापरवाही पाई गई तो मामला Central Bureau of Investigation (सीबीआई) को सौंपा जा सकता है।
🔹 याचिकाकर्ता की दलील
प्रार्थी के अधिवक्ता विनसेंट रोहित मड़की ने अदालत को बताया कि जंगल से मिला कंकाल युवती का नहीं है। उन्होंने कहा कि कंकाल की स्थिति दो-तीन साल पुरानी लगती है, जबकि युवती करीब नौ महीने से लापता है। साथ ही, कंकाल मिलने की जगह सार्वजनिक होने के कारण किसी अन्य व्यक्ति का होने की आशंका भी जताई गई।
🔹 कोर्ट ने उठाए सवाल
अदालत ने सरकार से पूछा कि:
- क्या कंकाल का डीएनए टेस्ट कराया गया है?
- क्या युवती के माता-पिता का नमूना लिया गया है?
सरकार की ओर से बताया गया कि अब तक डीएनए जांच नहीं हुई है। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पूछा कि क्या प्रशासन कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहा था, जबकि कंकाल बरामद हुए कई दिन बीत चुके हैं।
🔹 आरोपी गिरफ्तार, पुलिसकर्मी निलंबित
सरकार ने बताया कि मामले के आरोपी दिनेश महतो को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, लापरवाही के आरोप में बोकारो एसपी ने पिंडराजोड़ा थाना के 18 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है और इस संबंध में पिंडराजोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।