Ranchi News: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के बुधवार (30 सितंबर) अहम दिन होने वाला है। बुधवार को बड़गाईं अंचल की 8.89 एकड़ जमीन से संबंधित मनी लांड्रिंग मामले में ईडी कोर्ट में एक तरह आरोप तय करने पर सुनवाई है। वहीं, दूसरी ओर से आरोप गठन पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई दोपहर 2.15 बजे निर्धारित है।
मनी लांड्रिंग मामले में आरोप होना है तय
बड़गाईं अंचल की जमीन फर्जीवाड़ा मामले में ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के बाद ईडी की ओर से ईडी कोर्ट में अभियोजना कंप्लेन (चार्जशीट) दाखिल कर दी गई है। अब ईडी कोर्ट सभी पर आरोप गठन करने की कार्रवाई कर रही है। सीएम हेमंत सोरेन को छोड़कर बाकी सभी 16 आरोपियों पर आरोप तय कर दिया गया है।
सीएम की याचिका खारिज
ईडी कोर्ट में जब सीएम हेमंत सोरेन उपस्थित हुए थे तो उनकी ओर से पिछली सुनवाई के दौरान पीएमएलए की धारा 44 (1) (D) के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाने की मांग की गई। इसके तहत जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक आरोपियों को आरोप गठन नहीं किया जाए। इस धारा में मामला सेशन ट्रायल की तरह चलाने की अनुमति प्रदान करता है। यानी जांच पूरी होने के बाद ही ट्रायल शुरू किया जा सकता है। जबकि ईडी इस मामले में अभी जांच ही रही है। लेकिन अदालत ने सीएम हेमंत सोरेन की याचिका खारिज कर दी थी।
हाई कोर्ट में दाखिल की याचिका
ईडी कोर्ट के आदेश के खिलाफ सीएम हेमंत सोरेन ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने पीएमएलए एक्ट की उक्त धारा का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत ही ट्रायल होना चाहिए, लेकिन ईडी कोर्ट ने उनके आवेदन को खारिज कर दिया है। ऐसे में ट्रायल पर रोक लगाते हुए जांच पूरी होने तक आरोप गठन की कार्रवाई पर भी रोक लगाई जाए।

