Ranchi News: नाबालिग लड़कियों को रोजगार के नाम पर बाहर ले जाने के मामले में आरोपी मोहम्मद मुस्तफा को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। न्यायायुक्त, रांची अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने मामले की गंभीरता और जांच की प्रगति को देखते हुए नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला एएचटीयू थाना कांड संख्या 12/2025 से संबंधित है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 137(2), 143(5), 3(5) तथा जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट की धारा 75/81 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अभियोजन के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 को वीआईपी गेट के पास गश्ती के दौरान दो नाबालिग लड़कियों—जे कुमारी (13) और एस कुमारी (12)—को आरोपी के साथ संदिग्ध अवस्था में पाया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दोनों बच्चियों को चेन्नई ले जाकर मजदूरी (बाल श्रम) में लगाने की योजना बना रहा था। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, यात्रा टिकट और आधार कार्ड बरामद किए गए।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि बच्चियों की माताओं की सहमति से उन्हें बेहतर देखभाल और रोजगार के लिए ले जाया जा रहा था तथा आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों की सहमति कानूनन अप्रासंगिक है, और प्रारंभिक साक्ष्य आरोपी की संलिप्तता की ओर संकेत करते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह नाबालिगों को चेन्नई में काम पर लगाने ले जा रहा था, जिससे आर्थिक लाभ की मंशा स्पष्ट होती है। चूंकि जांच अभी जारी है और अपराध गंभीर प्रकृति का है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। इस आधार पर अदालत ने मोहम्मद मुस्तफा की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।