Ranchi News: पश्चिम सिंहभूम के घाटकुरी लौह अयस्क खदान से जुड़े कथित अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी उषा मार्टिन समूह के प्रबंध निदेशक राजीव झांवर को पीएमएलए की विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें 10 जून से 10 जुलाई 2026 तक सिंगापुर यात्रा की अनुमति देते हुए इस अवधि के लिए पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दिया है। झांवर ने अपनी मां के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। इससे पहले उन्हें सीबीआई की विशेष अदालत से भी विदेश यात्रा की मंजूरी मिल चुकी है। यह मामला पश्चिम सिंहभूम के घाटकुरी लौह अयस्क खदान से जुड़ा है।
सीबीआई ने सितंबर 2016 में प्राथमिकी दर्ज कर आरोप लगाया था कि कंपनी को खदान का पट्टा विशेष परिस्थितियों में दिया गया था, लेकिन बाद में शर्तों का उल्लंघन कर निर्धारित सीमा से अधिक लौह अयस्क का खनन और उपयोग किया गया। मामले में पद के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी तथा अनुचित लाभ प्राप्त करने के आरोप लगाए गए हैं। ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी को आधार बनाकर 2 अक्टूबर 2021 को मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। जांच एजेंसी का दावा है कि अवैध खनन से अर्जित कथित आय करीब 190 करोड़ रुपये से जुड़ी है। इससे पहले ईडी इस मामले में उषा मार्टिन की लगभग 190 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। अब विशेष अदालत ने मानवीय आधार पर मां के उपचार के लिए विदेश यात्रा की अनुमति प्रदान करते हुए निर्धारित अवधि के भीतर वापस लौटने का निर्देश दिया है।