Ranchi News: मादक पदार्थ गांजा की तस्करी के मामले में रांची की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सिविल कोर्ट रांची के एनडीपीएस के विशेष न्यायाधीश सह अपर न्यायायुक्त शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने दोषी पाए गए अभियुक्त कुंदन कुमार को 5 वर्ष के सश्रम कारावास (कठिन कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि नहीं चुकाने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी।
खूंटी रोड पर पुलिस ने खदेड़कर पकड़ा था
यह मामला करीब चार साल पुराना यानी 30 जुलाई 2022 का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक:
- गुप्त सूचना पर कार्रवाई: हटिया डीएसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर भारी मात्रा में गांजा लेकर रांची की ओर आ रहे हैं।
- वाहन चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी: सूचना के आधार पर जगरनाथपुर थाना पुलिस ने लाटमा रोड पर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान खूंटी की तरफ से एक बाइक पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और एक नाबालिग समेत दोनों को धर दबोचा।
- 5 किलो से ज्यादा गांजा बरामद: जब पुलिस ने दोनों की तलाशी ली, तो उनके पास से 5.3 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
ओडिशा से लाकर नामकुम में बेचने की थी योजना
पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया था कि वे गांजे की यह खेप ओडिशा से लेकर आ रहे थे। इसे रांची के नामकुम अंतर्गत तुम्बागुटू स्थित एक दुकान में खपाने (बेचने) की तैयारी थी। गिरफ्तार दोनों आरोपी मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले हैं।
मामले में सुनवाई (ट्रायल) पूरी होने के बाद अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयान और मौके से हुई बरामदगी के पुख्ता प्रमाणों के आधार पर कुंदन कुमार को दोषी करार दिया। अदालत ने फैसला सुनाते हुए साफ किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी समाज के लिए गंभीर खतरा है, इसलिए दोषी को जेल की सजा के साथ आर्थिक दंड भुगतना होगा।

