सख्त फैसला: अपर न्यायायुक्त ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने दोषी गणेश चौधरी और आनंद कुमार को सुनाई सजा
भारी जुर्माना: दोनों पर लगा 3-3 लाख रुपये का आर्थिक दंड; होटवार जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/प्रस्तुति के जरिए हुई सुनवाई
- करोड़ों की खेप: वर्ष 2023 में पुलिस ने एक ट्रक से बरामद किया था 1184 किलोग्राम गांजा; बाजार में कीमत थी ₹2.36 करोड़ से अधिक।
- सजा की अवधि होगी कम: कोर्ट ने आदेश दिया कि दोषियों द्वारा जेल में पहले ही काटी जा चुकी अवधि (Period Undergone) को मुख्य सजा से घटाया (Set-off) जाएगा।
Ranchi News: राजधानी रांची में भारी मात्रा में गांजा की अवैध तस्करी से जुड़े एक चर्चित और बड़े मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त (Additional Judicial Commissioner) ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने गुरुवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दो मुख्य दोषियों— गणेश चौधरी और आनंद कुमार को 18-18 वर्ष के सश्रम कारावास (Rigorous Imprisonment) की कठोर सजा सुनाई है। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (BMC) होटवार में बंद दोनों दोषियों को सजा की सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
तीन अलग-अलग धाराओं में मापा दंड
अदालत ने मामले की गंभीरता और बरामद मादक पदार्थ की विशाल खेप को देखते हुए दोनों दोषियों को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की तीन अलग-अलग गंभीर धाराओं में दंडित किया है:
- धारा 20(b)(ii) [व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ रखना]: 18 साल का सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माना (जुर्माना न देने पर 1 साल अतिरिक्त जेल)।
- धारा 25 [तस्करी के लिए वाहन/ट्रक का जानबूझकर उपयोग]: 18 साल का सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माना (जुर्माना न देने पर 1 साल अतिरिक्त जेल)।
- धारा 29 [आपराधिक साजिश और उकसाना]: 18 साल का सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माना (जुर्माना न देने पर 1 साल अतिरिक्त जेल)।
एक साथ चलेंगी सभी सजाएं: अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट कर दिया है कि दोषियों को दी गई ये तीनों सजाएं एक साथ (Concurrently) चलेंगी। इस प्रकार दोनों को कुल 18 वर्ष जेल में बिताने होंगे। हालांकि, यदि वे कुल 3 लाख रुपये का जुर्माना जमा नहीं करते हैं, तो उन्हें 3 वर्ष (हर धारा के लिए 1-1 वर्ष) की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2023 का है, जब गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रक को जब्त किया था। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें से कुल 1184 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया था। जब्त किए गए गांजे की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 करोड़ 36 लाख 91 हजार रुपये आंकी गई थी। पुलिस ने मौके से ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसके बाद से दोनों लगातार जेल में ही बंद हैं।
2 साल के भीतर स्पीडी ट्रायल से आया फैसला
अदालत में इस मामले को लेकर स्पीडी ट्रायल चलाया गया। मामले में 16 अप्रैल 2024 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप (Charges) गठित किए गए थे। विशेष लोक अभियोजक और अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में पेश किए गए अकाट्य दस्तावेजों, गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को बुधवार को दोषी ठहराया था, जिसके बाद गुरुवार को सजा की घोषणा की गई।

