Ranchi News: हजारीबाग ट्रेजरी (कोषागार) से करीब 15 करोड़ रुपये की कथित अवैध वेतन निकासी मामले में जेल में बंद आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर मंगलवार को रांची स्थित सीआईडी (CID) के विशेष न्यायाधीश कुलदीप की अदालत में सुनवाई हुई। मामले में जेल में बंद महिला आरोपी खुशबू सिंह, काजल कुमारी और एक अन्य आरोपी धीरेंद्र सिंह की ओर से दाखिल जमानत याचिकाओं पर अदालत ने आंशिक सुनवाई की।
बचाव पक्ष की बहस पूरी, अब अभियोजन रखेगा अपना पक्ष
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं (आरोपियों) के अधिवक्ताओं ने अदालत के समक्ष अपनी दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष के वकीलों की तरफ से बहस की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जिसमें उन्होंने आरोपियों को बेकसूर बताते हुए जमानत देने की गुहार लगाई। अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अगली निर्धारित तिथि को अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन/सीआईडी) पक्ष की ओर से बहस सुनने का फैसला किया है। इसके लिए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 19 जून मुकर्रर की है।
सिपाहियों की पत्नियां हैं नामजद आरोपी
इस बड़े वित्तीय घोटाले में ट्रेजरी और पुलिस विभाग के कर्मियों की मिलीभगत सामने आई थी। वर्तमान में जेल में बंद मुख्य आरोपियों में शामिल काजल कुमारी मुख्य लेखपाल सिपाही शंभू कुमार सिंह की पत्नी हैं, जबकि दूसरी आरोपी खुशबू सिंह सिपाही रजनीश कुमार सिंह की पत्नी हैं। इस फर्जीवाड़े और अवैध निकासी के खेल में इन सभी को नामजद आरोपी बनाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला हजारीबाग जिला पुलिस बल और ट्रेजरी के माध्यम से फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये के वेतन की अवैध निकासी से जुड़ा है। जांच में सामने आया था कि विभाग के कुछ क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर और सिपाहियों ने मिलकर ऐसे लोगों के नाम पर भी वेतन की निकासी कर ली, जो सेवा में थे ही नहीं या जिनके दस्तावेज फर्जी थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच सीआईडी (अपराध अनुसंधान विभाग) को सौंपी थी। सीआईडी इस मामले में लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां कर रही है। अब 19 जून को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां सीआईडी इन आरोपियों की जमानत का विरोध करने के लिए अपनी दलीलें और सबूत कोर्ट के सामने पेश करेगी।

