Civil Court News

Court News: 10 हजार रुपये लागत पर बरी का फैसला रद्द, चेक बाउंस केस फिर ट्रायल में

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 18 Aug, 2026
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
WhatsApp Image 2026 05 04 at 5.30.27 PM
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi News: न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में निचली अदालत से बरी किए गए आरोपी के पक्ष में दिए फैसले को रद्द कर दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता को अपना पक्ष रखने का एक और अवसर देते हुए मामले को दोबारा सुनवाई के लिए निचली अदालत में भेज दिया। इसके लिए शिकायतकर्ता को 10 हजार रुपये लागत जमा करने का निर्देश दिया गया है। मामला शिकायत केस संख्या 2426/2020 से जुड़ा है। डोरंडा निवासी शिकायतकर्ता राकेश सिन्हा के अनुसार लालपत नगर, पुंदाग निवासी आरोपी मनीष कुमार कर्ण उर्फ मनीष करण ने उनसे 7.19 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसके आंशिक भुगतान के लिए 3 लाख रुपये का चेक दिया, जो पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद कानूनी नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।

See also  JPSC AE Exam: हाई कोर्ट के सहायक अभियंता नियुक्ति रद करने के खिलाफ सरकार ने दाखिल की अपील याचिका

मामले में आरोपी को 17 दिसंबर 2021 को समन किया गया था और 14 जुलाई 2023 को आरोप समझाया गया। हालांकि, शिकायतकर्ता कई अवसर मिलने के बावजूद साक्ष्य पेश नहीं कर सके। इसके बाद 4 अप्रैल 2026 को निचली अदालत ने ‘नो एविडेंस’ के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया। शिकायतकर्ता ने अपील में कहा कि दोनों पक्षों के बीच डीएलएसए में समझौता हुआ था और वह अदालत में गवाही देने पहुंचा था, लेकिन गलतफहमी के कारण उस दिन साक्ष्य दर्ज नहीं हो सका। न्यायिक आयुक्त ने माना कि मामले में न्याय के हित में शिकायतकर्ता को एक अवसर दिया जाना चाहिए। अदालत ने बरी का फैसला रद्द करते हुए सीआरपीसी की धारा 386(a) के तहत केस निचली अदालत को वापस भेज दिया। दोनों पक्षों को आदेश मिलने के 15 दिनों के भीतर निचली अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

See also  Jharkhand News/H court: गिरिडीह मेयर पद आरक्षण मामले की सुनवाई टली, हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment