Civil Court News

CID Court News: बोकारो ट्रेजरी से 11 करोड़ की अवैध निकासी: एएसआई अशोक भंडारी समेत तीन की जमानत याचिका खारिज

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 24 Jun, 2026
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
WhatsApp Image 2026 05 04 at 5.30.27 PM
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

बड़ा झटका: सीआईडी के विशेष न्यायाधीश ने सुरक्षित आदेश सुनाते हुए आरोपियों को राहत देने से किया इनकार

पेंच: पुलिस कार्यालय की लेखा शाखा में फर्जी तरीके से वेतन निकासी का है मामला, एजी रिपोर्ट में हुआ था भंडाफोड़

  • 18 जून को सुरक्षित था आदेश: अदालत ने दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे बुधवार को सुनाया गया।
  • 29 अप्रैल को हुई थी पहली गिरफ्तारी: महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद सरकार के निर्देश पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी।

Ranchi News: बोकारो ट्रेजरी (कोषागार) से करीब 11 करोड़ रुपये की कथित अवैध और फर्जी निकासी के हाई-प्रोफाइल मामले में जेल में बंद तीन पुलिसकर्मियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। सीआईडी (CID) के विशेष न्यायाधीश कुलदीप की अदालत ने बुधवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए लेखा शाखा के एएसआई (ASI) अशोक भंडारी, गृह रक्षक (होमगार्ड) सतीश कुमार और सिपाही काजल मंडल की नियमित जमानत याचिका (Regular Bail) को सिरे से खारिज कर दिया।

See also  Court News: साक्ष्य के अभाव में दो सगे भाई बरी, साइकिल स्टैंड विवाद में हुई थी महेंद्र बेदिया की हत्या

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और केस डायरी के अवलोकन के बाद पाया कि सरकारी खजाने को चूना लगाने के इस संगठित खेल में आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर साक्ष्य मौजूद हैं।

मुख्य आरोपी कौशल पांडेय के बाद खुली थीं कड़ियां

जांच के अनुसार, इस महाघोटाले की शुरुआत बोकारो जिला पुलिस कार्यालय की लेखा शाखा में फर्जी और अवैध तरीके से वेतन की निकासी से हुई थी। महालेखाकार (AG) की ऑडिट रिपोर्ट में जब करोड़ों रुपये के इस वित्तीय घालमेल को उजागर किया गया, तब राज्य के वित्त विभाग ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे।

बोकारो में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले इस पूरे खेल के मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड कौशल पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

जांच में सामने आई थी संलिप्तता: मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जब सीआईडी और स्थानीय पुलिस ने कड़ियों को जोड़ा, तो लेखा शाखा में तैनात एएसआई अशोक भंडारी, होमगार्ड सतीश कुमार और महिला सिपाही काजल मंडल की भी इस अवैध निकासी में कथित संलिप्तता और मिलीभगत के पुख्ता प्रमाण मिले। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था, और तब से ये सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं।

18 जून को पूरी हुई थी सुनवाई

अदालत में इन तीनों पुलिसकर्मियों की जमानत याचिकाओं पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई थी। बचाव पक्ष ने खुद को निर्दोष बताते हुए कस्टडी की अवधि का हवाला दिया था, जबकि अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) ने करोड़ों के सरकारी गबन और जांच प्रभावित होने की आशंका जताते हुए बेल का कड़ा विरोध किया था। अदालत ने 18 जून को सुनवाई पूरी होने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे बुधवार को सुनाया गया।

See also  रांचीः मादक पदार्थ तस्करी मामले में दोषी दुखहरण साहू को 10 साल की सजा, भारी भरकम जुर्माना भी
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment