Ranchi News: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में जेल में बंद निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को बड़ी राहत मिली है। एसीबी Ranchi के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने सोमवार को उन्हें डिफॉल्ट जमानत प्रदान कर दी। विनय चौबे की ओर से उनके अधिवक्ता ने दलील दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है, इसलिए उन्हें डिफॉल्ट बेल का अधिकार है। इस पर सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली। अदालत ने पाया कि आरोपी 29 जनवरी 2026 से न्यायिक हिरासत में था और 60 दिनों की वैधानिक अवधि बीत जाने के बावजूद जांच एजेंसी चार्जशीट दाखिल करने में विफल रही। सुनवाई के दिन तक आरोपी 60 दिनों से अधिक समय तक जेल में रहा, जिसके आधार पर कोर्ट ने उसे जमानत का हकदार माना।
अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि नए कानून के तहत 90 दिनों की अवधि लागू होती है, लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि जिन मामलों में अधिकतम सजा 10 वर्ष तक है, उनमें 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य है। अदालत ने कहा कि तय समयसीमा में चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का वैधानिक अधिकार मिल जाता है, जिसे बाद में खत्म नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में दिल्ली के रियल एस्टेट कारोबारी सरदार सुरेंद्र सिंह को भी 24 मार्च को डिफॉल्ट जमानत मिल चुकी है।