Ranchi News: वियतनाम में दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हुए झारखंड के युवा योग शिक्षक राजा कुमार का पार्थिव शरीर स्वदेश लाने के लिए अब झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। रांची के चुन्ना भट्ठा (कुमार टोली) निवासी 26 वर्षीय योग शिक्षक राजा कुमार वर्मा वियतनाम की ‘आदि योग अकादमी’ (Adi Yoga Academy) में कार्यरत थे, जिनकी एक भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। गरीब परिवार के पास वियतनाम से शव लाने में आने वाले भारी-भरकम खर्च (लगभग 20 लाख रुपये) को उठाने में असमर्थ होने के कारण, अब उनके भाई द्वारा अधिवक्ता आकाश अजीत कुमार के माध्यम से झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें जल्द से जल्द शव को झारखंड लाने का आग्रह किया गया है।
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1. हाईकोर्ट में याचिका और शव वापसी की गुहार:
मृतक योग शिक्षक राजा कुमार के भाई द्वारा झारखंड हाईकोर्ट में यह याचिका अधिवक्ता आकाश अजीत कुमार के जरिए दाखिल की गई है। याचिका में न्यायालय से गुहार लगाई गई है कि केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों को निर्देश देकर पीड़ित परिवार की आर्थिक लाचारी को देखते हुए वियतनाम से पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द रांची लाया जाए।
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2. राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार वर्मा के पत्र का जिक्र:
याचिका में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार वर्मा ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा है और योग शिक्षक के शव को भारत वापस लाने के लिए जल्द से जल्द आवश्यक व कूटनीतिक कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
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3. वियतनाम में सड़क हादसे में हुई थी मौत:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रांची के रहने वाले राजा कुमार पिछले कुछ समय से वियतनाम के दा लात सिटी स्थित ‘आदि योग अकादमी’ में योग शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। योग क्लास समाप्त कर लौटने के क्रम में एक भीषण सड़क हादसे में उनकी अकाल मृत्यु हो गई, जिसके बाद से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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4. गरीब परिवार के सामने आर्थिक संकट:
राजा कुमार के पिता एक सामान्य मजदूर/बिजली मिस्त्री हैं और पूरा परिवार अत्यधिक तंगहाली में जीवन व्यतीत कर रहा है। विदेश में बेटे की मौत के बाद उसके शव को पैतृक निवास रांची मंगाने में करीब 20 लाख रुपये का भारी खर्च आ रहा है, जिसे वह परिवार उठाने में पूरी तरह असमर्थ है। यही वजह है कि अब अदालत और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से शव को वापस लाने की उम्मीदें तेज हो गई हैं।