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जेई से घर से मिले 2 करोड़, कोर्ट ने ED से पूछा- आयकर को जानकारी दी या नहीं

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 02 Aug, 2023
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Ranchi: हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ में निलंबित चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम की संपत्ति की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने ईडी के जवाब को देखते हुए पूछा कि छापेमारी के दौरान बरामद पैसे के बारे में आयकर को जानकारी दी जानी चाहिए या नहीं।

इसकी जानकारी शपथपत्र के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जमशेदपुर के जूनियर इंजीनियर के घर वर्ष 2019 में छापेमारी के दौरान उसके घर से ढाई करोड़ रुपये बरामद किया गया था।

आयकर को जानकारी देने पर ईडी से मांगा जवाब

बरामद पैसे वीरेंद्र राम के थे। इस मामले में प्रार्थी पंकज यादव ने जनहित याचिका दायर की है। अदालत ने मामले की सुनवाई को स्थगित करते हुए अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।

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पूर्व में अदालत के आदेश के आलोक में ईडी की ओर से शपथ पत्र के माध्यम से अदालत में जवाब पेश किया गया और राज्य सरकार की ओर से भी अदालत में जवाब पेश किया गया।

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राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि निगरानी आयुक्त से अनुमति मिलने के बाद अब वीरेंद्र राम की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है।

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ईडी ने अपने जवाब में बताया है कि लगभग 39.28 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त की गई है। अदालत ने ईडी के जवाब पर प्रार्थी को अपना प्रतिउत्तर दायर करने के लिए समय दिया गया।

डायन-बिसाही मामले में सरकार से मांगा जवाब

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ में राज्य में डायन बिसाही को लेकर हत्या एवं मारपीट की घटनाओं पर स्वत: संज्ञान से दर्ज मामले में सुनवाई हुई।

सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा है कि झारखंड में डायन बिसाही जैसे अंधविश्वास को रोकने एवं लोगों को जागरूक करने को लेकर क्या-क्या कदम उठाए गए हैं।

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मामले की अगली सुनवाई नौ सितंबर को निर्धारित की गई है। पिछली सुनवाई में झारखंड स्टेट लीगल सर्विसेज अथारिटी (झालसा) की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर कहा गया था कि गुमला जिले में डायन बिसाही की घटना ज्यादा होती है।

झालसा की ओर से जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को डायन बिसाही की रोकथाम को लेकर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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कोर्ट ने कहा कि डायन बिसाही जैसी घटनाओं पर अंकुश के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। बता दें कि राज्य में डायन बिसाही को लेकर होने वाली हत्या की घटनाओं को लेकर अदालत ने मामले में स्वत: संज्ञान लिया है।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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