high court news

SDO promotion: हाईकोर्ट ने कहा- प्रोन्नति पर लगी रोक वापस नहीं ली गई, तो मुख्य सचिव कोर्ट में होंगे हाजिर

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 06 Dec, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
jharkhand high court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: Jharkhand High Court: झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ (SDO promotion) के पद पर प्रोन्नति की अनुशंसा किए जाने के बाद भी अधिसूचना जारी नहीं करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के के बाद अदालत ने कहा कि अगर अगली सुनवाई से पहले सरकार की ओर से रोक को वापस नहीं लिया जाता है, तो 20 दिसंबर को मुख्य सचिव को कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा।

जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में इस मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि राज्य में प्रोन्नति पर लगी रोक को वापस लिया जा रहा है। जल्द इस संबंधित आदेश पारित किया जाएगा। इस पर अदालत ने कहा कि पिछली सुनवाई के दौरान आपने ऐसा ही कहा था, लेकिन अभी तक कोई आदेश पारित नहीं हुआ है।

See also  Corona Update: कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते सोमवार से हाईकोर्ट में सिर्फ वर्चुअल सुनवाई

इसे भी पढ़ेंः Allahabad High Court: परिवार में बेटी से ज्यादा विधवा बहू का अधिकार, हाईकोर्ट ने सरकार से कहा- नियमों में करे बदलाव

महाधिवक्ता ने कहा कि सरकार इस मामले में लगी रोक को कभी भी वापस ले सकती है। इस पर अदालत ने कहा कि अगर अगली सुनवाई से पहले सरकार की ओर से प्रोन्नति पर लगाई गई रोक वापस नहीं ली गई, तो मुख्य सचिव को कोर्ट में हाजिर होकर जवाब देना होगा। प्रार्थियों की ओर से अदालत में वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने पक्ष रखा।

इसको लेकर प्रार्थी राजकिशोर प्रसाद व अन्य 19 लोगों की ओर से याचिका दाखिल की गई है। अधिवक्ता चंचल जैन ने बताया कि डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ पद पर प्रोन्नति के लिए 24 दिसंबर 2020 को डीपीसी (विभागीय प्रोन्नति कमेटी) की बैठक हुई। इसमें सभी आहर्ता पूरा करने वालों को प्रोन्नत दिए जाने की अनुशंसा कर दी गई। लेकिन इसी दिन कार्मिक विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया गया।

See also  Civil Judge Appointment: खेल कोटे का आरक्षण नहीं देने पर हाईकोर्ट ने आईओए से मांगा जवाब

इसमें कहा गया कि राज्य में होने वाली सभी प्रोन्नति पर अगले आदेश तक रोक रहेगी। इसके बाद उनकी प्रोन्नति के लिए अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की गई। याचिका में यह भी कहा गया है कि जब विभागीय प्रोन्नति कमेटी ने वादियों को प्रोन्नति देने की अनुशंसा कर दी है, तो अधिसूचना जारी करने में देर नहीं होनी चाहिए। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से लिया गया निर्णय न्यायसंगत है या नहीं। इसलिए इसे खारिज किया जाए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment