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Retirement Benefits: हाईकोर्ट ने कहा, आदेश का पालन नहीं हुआ, तो शिक्षा सचिव कोर्ट में होंगे हाजिर

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 05 Dec, 2021
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Ranchi: Retirement Benefits झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रौशन की अदालत में विनोबा भावे विश्वविद्यालय से कई प्रोफेसर को सेवानिवृत्त लाभ नहीं मिलने पर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि अगर छह जनवरी तक कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं होता है, तो सात जनवरी को शिक्षा सचिव को कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा।

इसको लेकर महेश लाल दास सहित अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने छठा वेतनमान जनवरी 2006 से लागू किया गया था। बीएयू ने इसको तत्काल लागू कर दिया था।

लेकिन उनके विश्वविद्यालय में वर्ष 2010 में छठा वेतनमान लागू किया गया। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने तीन फरवरी 2021 को सभी प्रार्थियों को वर्ष 2006 से बकाया भुगतान करने का आदेश दिया था। लेकिन अभी तक सरकार ने कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया है। सभी प्रार्थियों करीब 80 साल की उम्र हो गई है।

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वहीं, अन्य प्रोफेसर का सुनवाई के दौरान निधन हो गया है। इस पर अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि शिक्षक और प्रोफेसर को सेवानिवृत्ति लाभ देने में सरकार को क्या परेशानी है। कोर्ट ने कहा कि अगर अगली सुनवाई से पहले आदेश का पालन नहीं किया गया, तो सात जनवरी को राज्य के शिक्षा सचिव कोर्ट में हाजिर होकर पूरी जानकारी देंगे।

लोक अदालत के लिए किया जागरूक
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से जागरूकता वाहन के जरिए बुंडू, सोनाहातू एवं तमाड़ के कई इलाकों में जाकर लोक अदालत के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान लोगों को बताया गया कि लोक अदालत से कई वादों का निबटारा किया जाता है और सुलभ एवं त्वरित न्याय मिलता है।

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11 दिसंबर को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक सुलहनीय मामले, दीवानी, श्रम, विवाह के बाद प्रताड़ना, पारिवारिक, उत्पाद के मामले, चोक बाउंस, वन विभाग, बिजली बकाया, ट्रैफिक चालान, भूमि अधिग्रहण, मोटरयान, माप-तौल से संबंधित विवाद को चिह्नित करके पक्षकारों को नोटिस भेजा जा रहा है।

इसके अलावा बैंक ऋण से संबंधित मामलों में पक्षकारों को नोटिस कर अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन का लक्ष्य रखा गाय है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यपालक अध्यक्ष अपरेश कुमार सिंह निर्देश दिया है कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लोगों को न्याय प्रदान की जाए और इस अभियान में डालसा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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