high court news

झारखंड हाईकोर्ट के नए भवन निर्माण मामले में कोर्ट ने सिया के सचिव को बनाया प्रतिवादी

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 08 Jan, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Stay on arrest of Abhishek Jha, husband of suspended IAS Pooja Singhal, accused of money laundering
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रांचीः झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद व जस्टिस रत्नाकर भेंगरा की अदालत में हाईकोर्ट के नए भवन निर्माण मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई।

इस दौरान सरकार की ओर से बताया गया कि इनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट और इनवायरमेंट मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जा रहा। इस प्लान को बनाने के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति की गयी है।

इस पर तीन सप्ताह में कंसल्टेंट पूरी रिपोर्ट दे देगा। प्लान मिलने के बाद इसे सिया (स्टेट इन्वायरमेंटल इंपेक्ट ऐसेसमेंट अथॉरिटी ) को भेज दिया जाएगा।

इस पर कोर्ट ने सिया के सदस्य सचिव और कंसलटेंट को प्रतिवादी बनाया और सुनवाई 15 जनवरी को निर्धारित की। अदालत ने सिया के सदस्य सचिव को कोर्ट को सहयोग करने के लिए 15 जनवरी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में हाजिर होने का निर्देश भी दिया।

See also  हार्स ट्रेडिंग: ADG अनुराग गुप्ता के मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

इसे भी पढ़ेंः झारखंड की कचहरी में 15 दिनों में होगी आमने-सामने की सुनवाई, झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

अदालत ने सरकार से कहा कि वह इनवायरमेंट प्लान बनाने वाली कंपनी को जल्द प्लान तैयार कर पेश करने को कहे। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से बताया गया भवन का नक्शा पास करने के लिए नगर निगम के पास सभी दस्तावेज भेज दिए गए हैं।

नगर निगम की ओर से बताया गया कि दस्तावेज मिल गए हैं और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जो भी त्रुटि पायी जाएगी उसकी जानकारी सक्षम पदाधिकारी को दी जाएगी। त्रुटि दूर करने के बाद नक्शा पास कर दिया जाएगा।

See also  झारखंड को सउदी अरब से ऑक्सजीन सिलेंडर मांगने की केंद्र सरकार ने दी अनुमति

बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट के भवन निर्माण में अनियमितता को लेकर अधिवक्ता राजीव कुमार की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गयी है। इसमें कहा गया है कि अधिकारियों और निर्माण करने वाले संवेदक की मिलीभगत से वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।

पहले संवेदक को 265 करोड़ में टेंडर दे दिया गया। वर्तमान इसकी लागत बढ़कर लगभग 697 करोड़ रुपये का हो गयी है। बढ़ी राशि के लिए सरकार से अनुमति भी नहीं ली गई और न ही नया टेंडर किया गया। वादी ने इस मामले की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment