Ranchi News: चतरा जिले के टंडवा आम्रपाली–मगध कोयला परियोजना क्षेत्र में ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों और कोयला कारोबारियों से लेवी वसूली की साजिश से जुड़े मामले में अदालत ने प्रतिबंधित संगठन टीपीसी के सदस्य अनिश्चय गंझू को जमानत देने से इनकार कर दिया है। सिविल कोर्ट रांची स्थित एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोपों में पर्याप्त प्रथम दृष्टया साक्ष्य उपलब्ध हैं। बताया गया कि अनिश्चय गंझू की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर अदालत में 10 दिसंबर को सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया गया था, जिसे अदालत ने अब सुनाते हुए जमानत से इंकार कर दिया।
एनआईए की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपी घटना के बाद लंबे समय तक फरार रहा और बाद में 30 जून 2020 को उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। तब से वह जेल में बंद है। जांच एजेंसी ने यह भी बताया कि मामले में अब तक 116 गवाहों की गवाही कराई जा चुकी है, जबकि अदालत के समक्ष 229 दस्तावेज और 23 सामग्री साक्ष्य पेश किए गए हैं। फिलहाल मामला ट्रायल के अंतिम बहस के चरण में है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और यूएपीए की धारा 43डी(5) के तहत जमानत पर वैधानिक रोक लागू होती है। इस कारण आरोपी को जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। गौरतलब है कि इससे पहले भी अनिश्चय गंझू की जमानत याचिका एनआईए कोर्ट के साथ-साथ झारखंड हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी है।

