Ranchi: सिविल कोर्ट रांची के पोक्सो मामले के विशेष न्यायाधीश की अदालत ने शनिवार को साइबर अपराध से जुड़े एक गंभीर मामले में आरोपी सौरभ कुमार को अग्रिम राहत देने से इनकार किया है। उसकी ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई पश्चात खारिज कर दी। मामला सीआईडी साइबर थाना केस संख्या /2025 से संबंधित है। जिसमें आरोपी पर आईटी एक्ट की धारा 67(बी) और पॉक्सो एक्ट की धारा 14/15 के तहत “बाल अश्लील सामग्री देखने और संग्रह करने” का आरोप है। सुनवाई के दौरान स्पेशल पीपी ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि याचिकाकर्ता के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया, जिसमें बाल अश्लील सामग्री मिलने की पुष्टि हुई है। अदालत ने टिप्पणी की कि बाल अश्लील सामग्री देखना और संग्रह करना अत्यंत गंभीर व जघन्य अपराध है। प्रारंभिक साक्ष्य आरोपी की संलिप्तता को सत्यापित करते हैं। ऐसे में अग्रिम जमानत प्रदान करना उचित नहीं है।
अदालत में आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि
- आरोपी का कथित अपराध से कोई संबंध नहीं है।
- नोटिस (धारा 35(3) BNSS-2023) मिलने पर वह जांच में उपस्थित हुआ था।
- उसने लिखित जवाब भी दिया और जांच में सहयोग का आश्वासन भी दिया है।
- इसलिए उसे अग्रिम जमानत मिलनी चाहिए।
वहीं, विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए बताया कि
- आरोपी ने जांच के दौरान अपना अपराध कबूल किया है।
- उसके द्वारा उपयोग किया गया मोबाइल फोन, जो उसके पिता के नाम से पंजीकृत था, से बाल अश्लील सामग्री देखने और सुरक्षित रखने के सबूत मिले हैं।
- यह भी जांच का विषय है कि आरोपी ने यह सामग्री कैसे प्राप्त की और क्या इसे आगे प्रसारित भी किया था।
अदालत ने केस डायरी और एफआईआर का अवलोकन करने के बाद पाया कि डीएसपी नेहा बाला द्वारा दर्ज प्राथमिकी में CBI के Online Child Sexual Abuse & Exploitation Unit की रिपोर्ट का हवाला है।रिपोर्ट के अनुसार, कई ई-मेल आईडी की जांच में आरोपी की ऑनलाइन गतिविधियों की पुष्टि हुई थी। केस डायरी के पेज 45–47 पर दर्ज विवरण के अनुसार, आरोपी से एक Samsung Galaxy मोबाइल फोन जब्त किया गया, जिसमें आपत्तिजनक सामग्री पाई गई।