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बंदियों को समाज की मुख्य धारा में लाना ही उद्देश्य : दिवाकर पांडेय

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 15 Aug, 2024
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बंदियों को समाज की मुख्य धारा में लाना ही उद्देश्य : दिवाकर पांडेय
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रांची। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, राँची द्वारा गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा होटवार, राँची में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। विभिन्न न्यायालयों में लंबित 58 वादों के निस्पादन के निमित बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा होटवार, राँची में संसीमित बंदियों का आवेदन जेल अदालत हेतु समर्पित किया गया था संसीमित बंदियों द्वारा जेल में बितायी गयी अवधि को ध्यान में रखते हुए कुल 58 वादों का गुरुवार को निष्पादन जेल अदालत में कर दिया गया।

बंदियों को समाज की मुख्य धारा में लाना ही उद्देश्य : दिवाकर पांडेय

जिसमें बतौर मुख्य अतिथि न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, राँची, दिवाकर पांडे, अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, राजेश कुमार सिंह, अतिरिक्त न्यायायुक्त, आशिफ इकबाल, चन्द्रभानू, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, कमलेश बेहरा, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, राँची, राकेश रंजन, अक्षत श्रीवास्तव, राजकुमार पाण्डेय, दिग्विजय नाथ शुक्ला, शंभू महतो, मनोज इन्दवार, गौतम गोविन्दा, अभिशेक श्रीवास्तव, सौरभ त्रिपाठी, निबंधक, श्री प्रशान्त कुमार वर्मा, विजय कुमार यादव, रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी, मान्या टंडन,परिधि शर्मा, कंचन कुमारी, अर्चना मिश्रा, एकता सक्सेना, स्मृति रुपम टोपनो तथा दिव्या राघव उपस्थित थे।

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ज्ञात हो कि इसके लिए राँची व्यवहार न्यायालय के न्यायायुक्त के नेतृत्व में न्यायिक पदाधिकारियों की कमेटी गठित की गई थी, जिसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चंदन, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार कमलेश बेहरा समेत अन्य न्यायिक दंडाधिकारी शामिल थे। जेल आदलत में निष्पादन होने वाले मुकदमों तथा बंदियों का चयन किया गया, जिसकी सूची तैयार करने में एल.ए.डी.सी. के सदस्यों में वीरेंद्र प्रताप और सौरभ पांडेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। न्यायिक दंडाधिकारियों के समक्ष चयनित मुकदमों को जेल अदालत में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रखा गया, जिसमें 58 वादों का निष्पादन जेल अदालत में किया गया और संबंधित बंदियों को कारा से मुक्त किया गया।

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जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर में न्यायायुक्त राँची, श्री दिवाकर पांडेय ने बंदियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी एवं बंदियों के समस्या को सुना एवं तुरंत निराकरण हेतु उपस्थित काराकर्मी के सदस्यों को निर्देशित किया। महिला न्यायिक दंडाधिकारी सदस्यों द्वारा महिला कक्ष में बंदियों से खास मुलाकात कर विधिक सहायता एवं चिकित्सा से संबंधित जानकारी ली गई। विधिक जागरूकता शिविर में विधि के 15 छात्र-छात्राएं भी शामिल थे। इस अवसर पर काराधीक्षक, कारापाल, कारा लिपिक, काराकर्मी, बिरसा मुण्डा केन्द्रीय कारा होटवार, राँची, एवं एल.ए.डी.सी. के सदस्य तथा न्यायालयकर्मी तथा बंदीगण उपस्थित थे।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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