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Sexual Harassment: नाबालिग की मेडिकल जांच में देरी पर झालसा ने लिया संज्ञान

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 02 Dec, 2021
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jhalsa justice AK Singh
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Ranchi: Sexual Harassment यौन उत्पीड़न की शिकार नाबालिग की मेडिकल जांच में देरी होने की प्रकाशित खबर पर झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने डालसा रांची को आदेश दिया कि तत्काल पीड़िता से मिलकर आवश्यक सहायता प्रदान करें।

आदेश के आलोक में न्यायायुक्त एके राय ने डालसा सचिव को टीम गठित करने को कहा। गठित टीम सोनाहातू पहुंची और पीड़िता से मुलाकात की। पीड़िता ने अपने केस को आगे बढ़ाने के लिए पैनल अधिवक्ता की मांग की है। जिसपर डालसा ने अधिवक्ता मुहैया कराया।

टीम में कपिलदेव प्रसाद केसरी, रामेश्वर चौधरी एवं पुष्पा कुमारी शामिल थी। टीम ने पीड़िता से पीड़ित मुआवजा का आवेदन प्राप्त किया। बता दें कि पीड़िता की मेडिकल जांच कराने के लिए 26 नवंबर की शाम चार बजे बुंडू थाना प्रभारी सदर अस्पताल पहुंची थी, लेकिन समय पर जांच नहीं की गई।

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लोक अदालत के लिए अधिकारियों की बैठक
11 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर डालसा सचिव ने बैंक अधिकारियों एवं भूमि अर्जन पदाधिकारी के साथ बैठक की। सचिव ने सभी बैंक के प्रतिनिधियों से लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मामलों को चिन्हित कर निष्पादित करने की अपील की।

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इसके लिए पक्षकारों का मोबाइल फोन नंबर, ईमेल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जोड़कर वार्ता की जाए ताकि समझौता के माध्यम से मामलों का निष्पादन उस दिन हो सके। भूमि अधिग्रहण पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की गई। जिसमें भूमि अधिग्रहण से संबंधित वादों को निबटाने की अपील की गई। लोक अदालत में चेक बाउंस से जुड़े मामलों पर विशेष अभियान चलाकर निष्पादन करने का प्रयास किया जा रहा है।

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इसके अलावा आपराधिक सुलहनीय, दीवानी से संबंधित, श्रम वाद, विवाहोत्तर प्रताड़ना, पारिवारिक वाद, उत्पाद से संबंधित मामले, चेक बाउंस, वन विभाग, बिजली चोरी, ट्रैफिक चालान के साथ ही साथ भूमि अधिग्रहण, मोटरयान, माप-तौल से संबंधित वाद एवं वैवाहिक से संबंधित मामलों को चिन्हित करके पक्षकारों को नोटिस भेजा जा रहा है। अभी तक लगभग 25,000 पक्षकारों को नोटिस के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता के लिए सूचित किया जा चुका है।

घोटाले के आरोपी जेई रामविनोद सिन्हा के परिवार को नहीं मिली राहत
मनरेगा योजना में घोटाले के आरोपी जेई राम विनोद सिन्हा की पत्नी शीला देवी, पुत्र राहुल सिन्हा और बेटी पूजा सिन्हा को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिल पाई है। जस्टिस एके चौधरी की अदालत ने तीनों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। इस मामले में एसीबी ने राम बिनोद सिन्हा के पूरे परिवार पर आय से अधिक सपत्ति का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि तीनों के बैंक खातों से घोटाले की राशि की लेनदेन की गई है। फिलहाल इस मामले की जांच एसीबी कर रही है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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