Ranchi News : झारखंड स्टेट बार काउंसिल चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया बुधवार को समाप्त हो गई। नामांकन के अंतिम दिन कुल 30 प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया, जिसके साथ ही अब तक कुल 100 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। मंगलवार को 70 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। बुधवार शाम साढ़े चार बजे तक प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ डोरंडा स्थित स्टेट बार काउंसिल कार्यालय पहुंचे और चीफ रिटर्निंग ऑफिसर जस्टिस अंबुज नाथ के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। बुधवार को सबसे पहले रांची जिला बार एसोसिएशन के महासचिव सह निवर्तमान सदस्य संजय कुमार विद्रोही ने नामांकन दाखिल किया। इससे पहले नए बार भवन परिसर में नारियल फोड़ कर अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने के लिए निकले। इस चुनाव में प्रत्येक प्रत्याशी ने नामांकन के साथ 1.25 लाख रुपये की निर्धारित राशि जमा की है। अब सभी की नजरें नामांकन जांच और अंतिम प्रत्याशी सूची पर टिकी हुई हैं। कुल 25001 मतदान उम्मीदवारों को किस्मत का फैसला 12 मार्च को करेंगे।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान चीफ रिटर्निंग ऑफिसर जस्टिस अंबुज नाथ के साथ असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर सेवानिवृत्त जिला जज आलोक दुबे और शिवनारायण सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने नामांकन कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग किया। जस्टिस अंबुज नाथ ने बताया कि अंतिम दिन तक कुल 100 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने बताया कि 13 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, 14 फरवरी को प्रत्याशियों की सूची प्रकाशित होगी, 17 फरवरी को नामांकन वापसी की अंतिम तिथि होगी और 18 फरवरी को प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। बुधवार को नामांकन दाखिल करने वालों में प्रमुख रूप से संजय कुमार विद्रोही, शुभाशीष रसिक सोरेन, प्रभात सिन्हा, नीतू सिंह सहित कई अन्य अधिवक्ता शामिल रहे। लगभग सात साल बाद हो रहे इस चुनाव में कुल 23 पदों के लिए मतदान होना है।
नामांकन दाखिल करने के बाद संजय कुमार विद्रोही ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को झारखंड में लागू कराना है। अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, युवा वकीलों के लिए बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था, मेडिकल और बीमा सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण तथा वकीलों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल को अधिवक्ता कल्याण का सशक्त मंच बनाना उनका मुख्य लक्ष्य रहेगा।
वहीं प्रत्याशी प्रितांशु कुमार सिंह ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य इसके अलावा वकीलों के बीमा का बेहतर संचालन, सिविल कोर्ट में महिला अधिवक्ताओं के लिए बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था तथा नए अधिवक्ताओं के लिए ट्रेनिंग मॉड्यूल लागू कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि युवा वकील कानूनी दांव-पेंच बेहतर ढंग से सीख सकें।
आरडीबीए से संजय कुमार विद्रोही, अनिल कुमार सिंह महाराणा, प्रितांशु कुमार सिंह, डॉ. रबिंद्र कुमार, पवन रंजन खत्री, रवि रंजन, अभिषेक कुमार भारती, मुमताज अहमद खान, भरत चंद्र महतो एवं महिला अधिवक्ता ज्योति आनंद का नाम है।