high court news

Sexual abuse case: सुनील तिवारी की पत्नी ने मांगी सीबीआई जांच, कहा- सीएम से जुड़ा मामला उठाने पर उन्हें फर्जी केस में फंसाया

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 17 Sep, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Ex CM Babulal Marandi Advisor Sunil Tiwari
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: Sexual abuse case आदिवासी युवती के यौनशोषण के आरोपों से घिरे पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी की पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। सुनील तिवारी की पत्नी लालिमा तिवारी की ओर से अधिवक्ता जसविंदर मजूमदार, निशांत राय और रोहन मजूमदार ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।

उन्होंने बताया कि याचिका में लालिमा की ओर से अपने पति सुनील तिवारी पर लगे आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है। कहा है कि राज्य सरकार उनके खिलाफ दुर्भावना से ग्रसित होकर कार्रवाई कर रही है। ऐसे में सीबीआइ जांच कराना ही बेहतर होगा, जिससे सारी स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी। क्योंकि उनके पति सुनील तिवारी के खिलाफ साजिश के तहत यौन शोषण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

याचिका में कहा गया है कि मुंबई की युवती और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा कथित रूप से यौन शोषम किए जाने से जुड़े केस में इन्होंने बांबे हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दाखिल की थी। बाद में उक्त युवती ने बांबे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर केस वापस लेने की गुहार लगाई तो सुनील तिवारी ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दाखिल की। कर मामले की जांच कराए जाने का आग्रह किया।

See also  Ranchi: नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म मामले में चाचा दोषी करार, सजा 10 जनवरी को

इसे भी पढ़ेंः PROMOTION: सीआई से अंचलाधिकारी में प्रोन्नति पर हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का दिया आदेश

कोरोना काल में जब यह मामला लंबित था, तो सुनील तिवारी ने इस मामले में 29 जुलाई 2021 को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। याचिका में कहा कि बांबे हाईकोर्ट में यह मामला लंबित है। ऐसे में इस मामले की जल्द से जल्द जांच कराई जाए, ताकि युवती व सीएम हेमंत के कथित मामले की सच्चाई सामने आ सके। इस मामले में उनकी ओर से याचिका दाखिल किए जाने के बाद उनके खिलाफ यौन शोषण की प्राथमिकी दर्ज की गई है।

See also  धनबाद जेल वापस नहीं लाए जाने पर पूर्व विधायक संजीव सिंह ने जेल आईजी पर अवमानना चलाने की मांग की

याचिका में कहा गया है कि इससे पहले उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर अपने जानमाल की सुरक्षा और फर्जी केस में फंसाने की कोशिश किए जाने की बात कही। लेकिन उसके बाद भी सरकार उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है। इसलिए इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। बता दें कि सुनील तिवारी पर उनके यहां काम करने वाली एक युवती ने दुष्कर्म एवं यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

युवती ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने रांची सिविल कोर्ट से वारंट प्राप्त कर सुनील तिवारी को उत्तर प्रदेश के इटावा से गिरफ्तार किया था। पिछले दिनों उन्हें उत्तर प्रदेश से रांची लाया गया और यहां पर पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से एससी-एसटी के विशेष न्यायाधीश विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा दिया।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment