Ranchi: स्कूल छोड़ने के बहाने सात साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी करार अभियुक्त पौलुस तिर्की उर्फ अर्जेस्ट तिर्की को सिविल कोर्ट रांची के पोक्सो एक्ट की अदालत ने मंगलवार को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि दोषी को अपने प्राकृतिक जीवन के शेष काल तक जेल में रहना होगा। साथ ही उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। यह सजा अदालत ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दी है। घटना को 12 सितंबर 2022 को अंजाम दिया गया था। घटना के संबंध में पीड़िता की मां ने दूसरे दिन नामकुम थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
अदालत ने सजा सुनाते समय कहा कि नाबालिग के साथ हुए जघन्य अपराध में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। ऐसे अपराध समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए गंभीर खतरा हैं। अभियुक्त पर आरोप था कि 12 सितंबर 2022 की सुबह आठ बजे बच्ची के घर आया और बच्ची को स्कूल भेजने के बहाने ले गया और करीब 10 बजे बच्ची रोते हुए घर वापस आई। पूछने पर उसने बताया कि चाचा उसे स्कूल नहीं ले गए बल्कि चूना-भट्ठा के पास एक जर्जर मकान में ले गए और गलत काम किया। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद नामकुम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सुनवाई के दौरान एपीपी ने ठोस गवाही दर्ज कराई। जिसके आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाकर सजा सुनाई है।