Ranchi: करोड़ों रुपये के अलकतरा घोटाले में आरोपी गढ़वा के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी को झटका लगा है। उसकी ओर से 16 साल पुराने अलकतरा घोटाले में दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन सिविल कोर्ट रांची के सीबीआई की विशेष अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने 12 अगस्त को दाखिल याचिका पर सुनवाई पश्चात आदेश सुरक्षित रख लिया था। अदालत ने मंगलवार को सुरक्षित आदेश सुनाई है। उसने अपने आप को मामले में निर्दोष बताते हुए 12 फरवरी को याचिका दाखिल की थी। मामले में जल्द ही आरोप तय किया जाएगा। बता दें कि इस मामले को सत्येंद्र नाथ तिवारी सुप्रीम कोर्ट भी गए थे। लेकिन वहां भी राहत नहीं मिली है।
इसी मामले में वह साल 2012 में जेल की हवा खा चुके हैं। सीबीआई ने घोटाले को लेकर 2009 में प्राथमिकी दर्ज की थी। तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी फर्म कलावती कंस्ट्रक्शन के नाम से छत्तरपुर से जपला रोड बनाने का काम लिया था। रोड की लंबाई 32 किमी. है। इसकी लागत करीब 7 करोड़ रुपये थी। सड़क निर्माण के दौरान ही तिवारी ने 61 फर्जी बिल के सहारे 1200 मीट्रीक टन अलकतरा के 2 करोड़ 24 लाख रुपये निकासी कर ली।