Civil Court News

Ranchi News: उग्रवादी जगरनाथ सिंह मुंडा के खिलाफ गवाही देने नहीं पहुंचे पुलिस पदाधिकारी, कोर्ट ने किया रिहा

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 07 Jun, 2024
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
ranchi civil court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi News: 20 साल पुराने मामले में जेल में बंद उग्रवादी जगरनाथ सिंह मुंडा पर लगे आरोपों को साबित करने में अभियोजन पक्ष पूरी तरह से विफल रहा है। सेशन कोर्ट के कई प्रयासों के बावजूद केस के गवाहों तत्कालीन डीएसपी, दो थाना प्रभारी समेत 14 पुलिस अधिकारी व सिपाही अदालत नहीं पहुंचे।

डीजीपी तक को लिखा पत्र

इतना ही नहीं अदालत ने गवाहों को लाने के लिए एसएसपी रांची से लेकर डीजीपी तक को एक नहीं दो-दो बार लिखा। लेकिन किसी वरीय अधिकारी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। दो साल से अधिक समय तक गवाहों के आने का इंतजार अदालत ने किया। एक भी गवाह के नहीं आने पर अदालत ने पिछले सप्ताह जगरनाथ मुंडा उर्फ रिंगा सिंह मुंडा को साक्ष्य की कमी दिखाते हुए रिहा कर दिया।

See also  HC News: 35 साल पुराने मारपीट मामले में हाई कोर्ट से चार दोषियों को राहत, जेल की सजा की जगह मिला प्रोबेशन का लाभ

इसी मामले में ट्रायल फेस कर रहा दो आरोपी काली चरण सिंह मुंडा और छोटे मुंडा उर्फ छोटे सरकार को अदालत ने पूर्व में ही साक्ष्य के अभाव में बरी कर चुका है। घटना को लेकर तमाड़ के तत्कालीन थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिन्हा ने 29 सितंबर 2004 को 8 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोपी 7 फरवरी 2022 से इस मामले में जेल में था।

कोर्ट ने गवाहों के लिए एसएसपी से लेकर डीजीपी तक को लिखा दो-दो बार, आरोपी फरवरी 2022 से था जेल में बंद

यह है पूरा मामला

28 सितंबर 2004 को गुप्त सूचना के आधार पर एसडीपीओ मधुसूदन बारी के नेतृत्व में उग्रवादी जगरनाथ सिंह मुंडा के ठिकाने पर छापेमारी की गई। उसके घर से पांच पेटी एसएलआर के कारतूस, 30 सेट यूनिफार्म समेत अन्य विस्फोटक सामान बरामद किया गया। टीम में तमाड़ एवं बुंडू के तत्कालीन थाना प्रभारी, सीआरपीएफ इंस्पेक्टर, जैप-7 के काफी संख्या में जवान शामिल थे।

See also  Jharkhand News:H Court हाईकोर्ट ने कैलाश कोठी तोड़ने पर रोक बरकरार रखी, रांची डीसी से गजट नोटिफिकेशन तलब

कोर्ट ने कब-कब लिखा एसएसपी व डीजीपी को पत्र

  • 5 नवंबर 2022 : गवाहों को समन
  • 29 नवंबर 2022 : एसएसपी रांची को लिखा
  • 30 जनवरी 2023: संबंधित थाने के साथ डीजीपी को लिखा
  • 9 जनवरी 2024 : डीजीपी को पुनः लिखा
  • 6 फरवरी 2024 : अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने का दिया अंतिम मौका
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment