Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आर. मुखोपाध्याय की माताजी रीना मुखर्जी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 90 वर्ष की थीं और पिछले कई महीनों से बीमार चल रही थीं। मंगलवार दोपहर को उन्होंने अंतिम सांस ली। पूरा न्यायिक और प्रशासनिक समुदाय इस दुखद घड़ी में जस्टिस मुखोपाध्याय और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कर रहा है।
💐 हरमू मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार
दिवंगत रीना मुखर्जी ने अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ा है, जिसमें उनके पुत्र (जस्टिस मुखोपाध्याय), पुत्रवधू, एक पौत्र (मोहुल मुखोपाध्याय) और एक पौत्री शामिल हैं। मंगलवार शाम को उनका अंतिम संस्कार हरमू मुक्तिधाम में किया गया, जहां उनके बेटे जस्टिस आर. मुखोपाध्याय ने उन्हें मुखाग्नि दी।

🙏 न्यायिक और राजनीतिक हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि
निधन की सूचना मिलने के बाद हाई कोर्ट और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जस्टिस मुखोपाध्याय के डोरंडा स्थित आवास पहुंचकर शोक प्रकट किया। उन्होंने परिवारजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
- झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान सहित हाई कोर्ट के सभी जज उनके आवास पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।
- अंतिम संस्कार के दौरान महा निबंधक सत्यप्रकाश सिन्हा, हाई कोर्ट के वकील, एडवोकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी, रजिस्ट्री के कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।