Ranchi: उषा मार्टिन को अवैध तरीके से आवंटित खदान मामले में चार्जशीटेड आरोपी कंपनी के निदेशक राजीव झावर ने फ्रांस में अपनी बेटी की शादी में शामिल होने के बाद रांची लौटने के बाद अपना पासपोर्ट सीबीआई कोर्ट में जमा कर दिया है। सीबीआई कोर्ट ने 22 मई 2025 को सशर्त फ्रांस जाने की अनुमति प्रदान की थी। उन्होंने 8 जून से 30 जून, 2025 तक फ्रांस की यात्रा करने की अनुमति मांगी थी। ताकि वह अपनी बेटी की 20 जून से 23 जून, 2025 तक फ्रांस में होने वाली शादी में शामिल हो सके। वहां से लौटने के बाद कोर्ट में सशरीर उपस्थित होकर पासपोर्ट जमा किया।
इस शर्त पर मिली थी फ्रांस जाने की अनुमति:
(i) राजीव झावर को 10 लाख रुपये का क्षतिपूर्ति बांड, समतुल्य राशि की अपनी संपत्ति के मूल कागजात के साथ प्रस्तुत करना होगा तथा यह वचन देना होगा कि वह अपने पासपोर्ट का दुरुपयोग नहीं करेगा।
(ii) उसे यात्रा शुरू करने से पहले एयरलाइन टिकट, वीज़ा, बोर्डिंग स्थान की प्रति, साथ ही आने-जाने का निर्धारित कार्यक्रम, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में उल्लिखित शर्तों के अनुसार, पूर्ण विवरण के साथ प्रस्तुत करना होगा। इसके अतिरिक्त, अपनी यात्रा पूरी होने पर, उसे भारत लौटने की अगली तिथि को न्यायालय में अनिवार्य रूप से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पासपोर्ट जमा करना होगा। विदेश से लौटने के बाद, आरोप तय होने तक उसे प्रत्येक तिथि पर न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
(III) राजीव झावर को 8 जून, 2025 से यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी और वह 30 जून, 2025 को या उससे पहले भारत वापस आ जाएगा।
क्या है मामला:
भ्रष्टाचार मामले को लेकर सीबीआई ने 22 सितंबर 2016 में मेसर्स उषा मार्टिन लिमिटेड, कंपनी के निदेशक राजीव झावर, सहायक उपाध्यक्ष एसके सिंह, खनन निदेशक इंद्र देव पासवान समेत छह के खिलाफ जनवरी 2023 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसी मामले में हाल में ही सीबीआई कोर्ट ने संज्ञान लिया है। यहां बता दें कि साल 2004-05 में पश्चिमी सिंहभूम जिले के घाटकुरी में एक लौह अयस्क खदान आवंटित की गयी थी। इसमें कथित रूप से भ्रष्टाचार हुआ था। आईएएस अरुण कुमार सिंह उस वक्त खनन विभाग के सचिव थे और इंद्रदेव पासवान खनन निदेशक थे। सीबीआई की दिल्ली इकाई ने कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सितंबर 2016 में प्राथमिकी दर्ज की थी। राज्य सरकार की तरफ से अधिकारियों ने कथित रूप से उषा मार्टिन के पक्ष में पक्षपात किया था।

