Ranchi: गोड्डा में सूर्या हांसदा की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की सीबीआई जांच के लिए झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी है। सूर्या हांसदा की पत्नी सुशीला मुर्मी और मां नीलमुनि मुर्मू ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए हाईकोर्ट से इसकी सीबीआई जांच कराने का आग्रह किया है। याचिका में मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, गोड्डा और देवघर के एसपी समेत अन्य पदाधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है। सूर्या हांसदा की 11 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गयी थी। उस पर आपराधिक मामले थे और राजनीतिक दलों के टिकट से वह चुनाव भी लड़ चुका था।
11 अगस्त को पुलिस से एनकाउंटर में सूर्या हांसदा मार गिराया था। मुठभेड़ बोआरीजोर थाना क्षेत्र स्थित ललमटिया धमनी पहाड़ में हुई थी। दस अगस्त शाम को उसकी गिरफ्तारी हुई थी। सूर्या हांसदा की मां नीलमुनि मुर्मू ने याचिका में सूर्या के मुठभेड़ को राजनीतिक हत्या बताया है। याचिका में कहा गया है कि घटना से पहले देवघर के मोहनपुर थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव से उनके बेटे सूर्या की गिरफ्तारी हुई थी। सूर्या हांसदा का कई राजनीतिक दलों से संबंध रहा है। वह बोरियो विधानसभा से चार बार चुनाव लड़ चुका है। पहली बार 2009 में झारखंड विकास मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
दूसरी बार 2014 में भी जेवीएस से चुनाव लड़ा। तीसरी बार वर्ष 2019 में भाजपा ने उसे टिकट दिया था। इस चुनाव में वह दूसरे स्थान पर रहा था। वर्ष 2024 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर उसने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उसने जेएलकेएम से चुनाव लड़ा। साहिबगंज के मिर्जा चौकी थाना और गोड्डा के ललमटिया थाना में सूर्या हांसदा के खिलाफ आपराधिक मामले भी थे, लेकिन राजनीतिक बदले के कारण उसके बेटे की हत्या की गयी है। अदालत से इस मामले की सीबीआई जांच कराने का आग्रह परिजनों ने किया है।

