Ranchi: झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा पेपर लीक मामले में मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि मामले की जांच की निगरानी उच्च अधिकारियों की एसआईटी करे और शपथ पत्र भी एसपी स्तर के अधिकारी द्वारा ही दाखिल किया जाए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को तय की है। इससे पूर्व सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि सीआईडी जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है और इसकी रिपोर्ट शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत की गई है।
हालांकि, अदालत ने डीएसपी स्तर के अधिकारी द्वारा दाखिल शपथ पत्र को स्वीकार करने से इनकार करते हुए इसे वापस लेने का आदेश दिया। वहीं, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अजीत कुमार ने तर्क दिया कि सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जब्त मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए प्रश्न और उत्तर परीक्षा से पहले ही उपलब्ध थे, जो परीक्षा प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। इससे स्पष्ट है कि पेपर लीक हुआ है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच की मांग की।

