मामल 28.66 लाख रुपए गबन का
Ranchi: जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष दिलीप प्रसाद से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में 26 जुलाई को फैसला आएगा। 21 साल पुराने धोखाधड़ी एवं साजिश कर लगभग 28.66 लाख रुपए का राजस्व क्षति पहुंचाने के मामले में जारी अंतिम बहस पूरी होने के बाद सीबीआई कोर्ट ने फैसले की तारीख निर्धारित 26 जुलाई निर्धारित की है। मामले में दिलीप प्रसाद, सुरेंद्र कुमार जैन एवं सुधीर जैन मुकदमे का सामना कर रहा है। सीबीआई ने साल 2004 में हुए घोटाले को लेकर 2013 में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच अधिकारी ने जांच पूरी करते हुए 34 गवाहों के साथ 2014 में चार्जशीट दाखिल की थी। कोविड के कारण करीब दो साल सुनवाई प्रभावित रही। पिछले दिनों गवाही बंद होते ही आरोपियों का बयान दर्ज किया गया था। दिलीप प्रसाद अध्यक्ष रहते कई नियुक्तियों में अपने पद का दुरुपयोग किया है। सीबीआई ने सभी गड़बड़ियों में प्राथमिकी दर्ज की है। यह पहला मामला(आरसी 6/2013) होगा जिसमें फैसला आएगा।
क्या है पूरा मामलाः
राज्य गठन के बाद दिलीप प्रसाद जेपीएससी का प्रथम अध्यक्ष बनें। उन्होंने सरकारी पद का दुरुपयोग कर अपने लाभ के लिए मनपसंद कंपनी को ओएमआर स्कैनिंग मशीन का टेंडर दिया। यह टेंडर एसपीएस इंटरनेशनल लिमिटेड को दी थी। इस तथ्य के बावजूद की उच्च और बेहतर क्षमताओं वाली ओएमआर स्कैनिंग मशीने के लिए फर्म मेसर्स मेथोडैक्स सिस्टम्स लिमिटेड की बोली की कीमत कम थी। जिससे जेपीएससी को 28.66 लाख रुपए का राजस्व का नुकसान हुआ और आरोपी फर्म को इसी अनुपात में गलत लाभ हुआ।