high court news

रांचीः कनहर बराज परियोजना के लिए बजट आवंटित किया गया है या नहीं, सरकार से किया गया जवाब तलब

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 23 Sep, 2024
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
WhatsApp Image 2024 08 08 at 1.49.01 PM
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रांचीः झारखंड हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस एसएन प्रसाद व जस्टिस एके राय की खंडपीठ में गढ़वा में कनहर बराज के निर्माण को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि कनहर बराज परियोजना के लिए बजट आवंटित किया गया है या नहीं।अदालत ने मौखिक कहा कि पलामू एवं गढ़वा में हर साल सूखाड़ होता है। कनहर प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करें ताकि किसानों के खेतों को पानी मिल सके। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल कर अदालत को बताया कि कनहर बराज प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण में 18 माह और बराज निर्माण पूरा होने में पांच साल का समय लगेगा।

See also  Ranchi/H Court: राज्य में बाघों के संरक्षण मामले में हाईकोर्ट ने सरका से मांगा जवाब, सुनवाई 23 सितंबर को

अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि कनहर बराज के लिए 18 माह की जमीन अधिग्रहण एवं पांच साल का निर्माण पूरा होने की अवधि कब से मानी जाएगी। इसे स्पष्ट किया जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा कहनर परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए 18 माह एवं निर्माण के लिए पांच साल लगने पर असंतुष्ट की जताई। अदालत ने कहा कि इससे पहले भी राज्य सरकार ने अपने शपथ पत्र में यही बातें कही थी।अदालत ने कहा कि यह प्रोजेक्ट वर्ष 2004 में शुरू हुआ था, जो अब तक लंबित है। इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।राज्य सरकार ने अदालत को यह भी बताया गया कि कनहर बराज निर्माण को लेकर फारेस्ट क्लियरेंस जल्द करने को लेकर केंद्र सरकार से झारखंड के मुख्य सचिव ने फिर से पत्राचार भी किया है। बता दें कि गढ़वा और पलामू के लोगों को पानी उपलब्ध करने के लिए कनहर बराज बनाने लेकर विधायक भानु प्रताप शाही की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है।

See also  डैमों के साथ जलाशय पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए करें कड़ी कार्रवाई- हाईकोर्ट
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment