Ranchi: पिठोरिया थाने में दर्ज एक कथित बलात्कार के प्रयास मामले में पीड़िता ने अदालत में अपने पूर्ववर्ती बयान से पलटते हुए कहा कि बलात्कार का प्रयास, छेड़छाड़ और अन्य सभी आरोप झूठे थे। यह मामला दरअसल पैसों को लेकर हुए आपसी विवाद और तीखी बात तक ही सीमित थी, कोई आपराधिक कृत्य नहीं हुआ। पीड़िता के बयान के आधार सिविल कोर्ट रांची के अपर न्यायायुक्त Vll की अदालत ने मुख्य आरोपी सफीक खान समेत चारों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। सफीक खान न्यायिक हिरासत में रहते हुए मुकदमा का सामना किया था। उसने 12 मार्च 2025 को सरेंडर किया था। तब से वह जेल में था। बलात्कार का प्रयास को छोड़कर अन्य मामले में आरोपी इशरत जहां, नाहिद परवीन उर्फ नाहिद अफसरा एवं अर्शीना परवीन जमानत पर थे।
घटना को लेकर पीड़िता ने पिठोरिया थाना में 10 अक्तूबर 2023 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्रकरण की शुरुआत पीड़िता द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर हुई थी, जिसमें सफीक खान पर बलात्कार के प्रयास, छेड़छाड़ व अन्य गंभीर आरोप लगाए गए थे, जबकि अन्य आरोपियों पर पीड़िता और उसके परिवार के साथ मारपीट व धमकी देने का आरोप था। पुलिस ने जांच के बाद चारों के विरुद्ध 10 अप्रैल 2025 को चार्जशीट दायर किया था और 21 जून को आरोप तय किए गए थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से चार गवाह प्रस्तुत किए गए-पीड़िता, उसकी भाभी, भाई और माँ। सभी गवाहों को अदालत ने पक्षद्रोही घोषित कर दिया था।