Ranchi: राजधानी रांची में एक विधवा महिला के न्याय की लंबी लड़ाई आखिरकार पूरी हुई। छह वर्षों तक अपने ही फ्लैट से बेदखल रहने के बाद, कोर्ट के आदेश पर मंगलवार (02 सितम्बर 2025) को रांची के कांके रोड, गोंडा थाना क्षेत्र स्थित फ्लैट संख्या 303C को प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में खाली कराया गया। यह फ्लैट नमिता मुखर्जी का है, जो झारखंड की स्थायी मूल निवासी एवं दिवंगत CISF असिस्टेंट कमांडेंट तपन मुखर्जी की पत्नी हैं।
मामला कैसे शुरू हुआ
नमिता मुखर्जी के पति तपन मुखर्जी का निधन 26 फरवरी 2020 को हो गया। इसके बाद वे अपने कांके रोड स्थित फ्लैट में वापस आना चाहती थीं। लेकिन फ्लैट में पहले से रह रहे सीसीएल कर्मचारी अनिल कुमार ने मकान खाली करने से इनकार कर दिया। शुरूआती कुछ महीनों तक अनिल कुमार ने किराया दिया, लेकिन बाद में लगभग चार साल तक एक भी रुपया किराया नहीं दिया।नमिता मुखर्जी ने कई बार व्यक्तिगत स्तर पर अनुरोध किया, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
अदालत का आदेश
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने साफ कहा कि अनिल कुमार ने न केवल किराए के अनुबंध का उल्लंघन किया, बल्कि एक विधवा महिला को उसके वैध हक से भी वंचित किया। अदालत ने अपने आदेश में गोंडा थाना पुलिस और स्थानीय मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि फ्लैट को तुरंत खाली कराया जाए। साथ ही, करीब पाँच लाख रुपये का बकाया किराया चुकाने का आदेश भी पारित किया। मंगलवार को आदेश का पालन करते हुए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में फ्लैट को नमिता मुखर्जी के हवाले कर दिया गया।

