processApi - method not exist
Home high court news पंचायत चुनावः हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- कार्यकाल समाप्त होने के बाद...

पंचायत चुनावः हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- कार्यकाल समाप्त होने के बाद क्यों नहीं करा रहे चुनाव

Panchayat Elections झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने राज्य में पंचायत चुनाव कराने के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने राज्य में पंचायत चुनाव कराने के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि राज्य में पंचायत चुनाव क्यों नहीं कराया जा रहा है।

जिन-जन प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त समाप्त हो गया है उनके कार्यकाल या अधिकार का विस्तार किस कानून के तहत किया जा रहा है। अगले सप्ताह सरकार को इस पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। देवघर के जय प्रकाश पंडित की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह निर्देश दिया।

प्रार्थी के अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता ने अदालत को बताया कि सरकार पंचायत चुनाव नहीं करा कर नियमों का उल्लंघन कर रही है। संविधान के अनुच्छेद 243 में स्पष्ट है कि कार्यकाल समाप्त होते ही चुनाव होना अनिवार्य है, लेकिन झारखंड सरकार पंचायतों को सशक्त की बजाय सारे अधिकार अपने पास रखना चाहती है। 

इसे भी पढ़ेंः शाह ब्रदर्स मामलाः नियमों का पालन किए बिना सुनवाई का आरोप, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

अदालत से सरकार के सात जनवरी 2021 को जारी उस आदेश पर रोक लगाने की भी मांग अदालत से की गई, जिसमें पंचायत चुनाव को आगे बढ़ाते हुए छह माह के लिए सभी पंचायत प्रतिनिधियों का अधिकार दिए गए हैं। कहा गया कि कार्यकाल बीतने के बाद जन प्रतिनिधियों को छह माह का अधिकार बढ़ाने का प्रावधान नहीं है।

इसलिए सरकार के आदेश पर रोक लगा देना चाहिए। अदालत को बताया गया कि लॉक डाउन के दौरान दुमका और बेरमो विधानसभा का उपचुनाव सफलतापूर्वक कराया गया। ऐसे में पंचायत चुनाव भी कराए जा सकते हैं। सरकार की ओर से बताया गया कि पंचायत चुनाव के मामले पर सरकार एक अध्यादेश भी लाने जा रही है।

इस अध्यादेश के माध्यम से कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। इसका प्रार्थी की ओर से विरोध किया गया। प्रार्थी का कहना था पंचायत अधिनियम में किसी भी प्रकार का संशोधन केंद्र सरकार ही कर सकती है। राज्य सरकार को यह अधिकार नहीं है।

इस पर अदालत ने सरकार से कहा कि वह इस मामले में शपथपत्र दाखिल करें और सभी बातों को रिकॉर्ड पर लाएं। इसके लिए सरकार ने समय की मांग की। अदालत ने एक सप्ताह का समय देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।

RELATED ARTICLES

ANM Exam: हाई कोर्ट ने कहा- सभी छात्रों को 18 मई तक जारी करें एडमिट कार्ड

ANM Exam: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में एएनएम और जीएनएम की परीक्षा का एडमिट कार्ड रद किए...

CM Lease case: हाई कोर्ट ने पूछा- रांची डीसी को खनन विभाग के व्यक्तिगत जानकारी कैसे

CM Lease case: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन...

IAS Pooja Singhal case: ईडी ने कोर्ट से कहा- बड़े अधिकरियों और सत्ता के लोगों की भूमिका संदिग्ध

IAS Pooja Singhal case: खूंटी में वर्ष 2010 में हुए मनरेगा घोटाले की करोड़ों की राशि तत्कालीन उपायुक्त पूजा सिंघल को मिली...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

ANM Exam: हाई कोर्ट ने कहा- सभी छात्रों को 18 मई तक जारी करें एडमिट कार्ड

ANM Exam: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में एएनएम और जीएनएम की परीक्षा का एडमिट कार्ड रद किए...

CM Lease case: हाई कोर्ट ने पूछा- रांची डीसी को खनन विभाग के व्यक्तिगत जानकारी कैसे

CM Lease case: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन...

IAS Pooja Singhal case: ईडी ने कोर्ट से कहा- बड़े अधिकरियों और सत्ता के लोगों की भूमिका संदिग्ध

IAS Pooja Singhal case: खूंटी में वर्ष 2010 में हुए मनरेगा घोटाले की करोड़ों की राशि तत्कालीन उपायुक्त पूजा सिंघल को मिली...

JSSC News: प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी, अभ्यर्थियों को बड़ी राहत

JSSC News: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के...