Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट परिसर में प्रस्तावित फुटबॉल ग्राउंड के निर्माण पर छिड़ा विवाद अब अदालत की चौखट तक पहुँच गया है। हाईकोर्ट परिसर की खाली भूमि पर फुटबॉल ग्राउंड बनाए जाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए अधिवक्ताओं ने झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। गुरुवार को ‘झारखंड हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन’ की ओर से इस याचिका पर जल्द सुनवाई का विशेष आग्रह किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई की तारीख 27 जुलाई तय की है। इसके साथ ही अदालत ने इस मामले से जुड़े सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका जवाब तलब किया है।
याचिका में अधिवक्ताओं का क्या है तर्क?
हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन द्वारा दायर इस याचिका में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें और तर्क रखे गए हैं:
- अतिरिक्त चैंबर की मांग: याचिका में कहा गया है कि यदि हाईकोर्ट परिसर में कोई खाली जमीन उपलब्ध है, तो उस पर फुटबॉल ग्राउंड विकसित करने के बजाय अधिवक्ताओं के लिए अतिरिक्त चैंबर बनाए जाने चाहिए।
- नए वकीलों की समस्या: विशेष रूप से नए और युवा वकीलों (Young Lawyers) के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
- अपर्याप्त स्थान: अधिवक्ताओं ने अदालत को अवगत कराया कि वर्तमान समय में वकीलों की बढ़ती संख्या की तुलना में उपलब्ध स्थान बेहद अपर्याप्त है। जगह की भारी कमी के कारण अधिवक्ताओं को रोज़मर्रा के अदालती कामकाज में काफी कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अब 27 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि कोर्ट इस विकास योजना और वकीलों की मांगों के बीच क्या रुख अपनाता है।

