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Jharkhand/Ranchi News: अतिक्रमण और जाम की चपेट में रांची की कचहरी रोड; बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी

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By CourtNews Desk On 27 Apr, 2026
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Jharkhand/Ranchi News: अतिक्रमण और जाम की चपेट में रांची की कचहरी रोड; बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी
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Ranchi News: रांची की हृदयस्थली कहे जाने वाले कचहरी रोड और रातू रोड फ्लाईओर के आसपास व्याप्त भीषण अतिक्रमण और यातायात कुव्यवस्था के खिलाफ रांची जिला बार एसोसिएशन (RDBA) ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को एसोसिएशन के महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने रांची के उपायुक्त (DC) को एक कड़ा पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या के स्थाई समाधान की मांग की है। इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, झारखंड के राज्यपाल, दक्षिणी छोटानागपुर के आयुक्त और नगर आयुक्त को भी प्रेषित की गई है।

Jharkhand/Ranchi News: अतिक्रमण और जाम की चपेट में रांची की कचहरी रोड; बार एसोसिएशन ने दी आंदोलन की चेतावनी

“अवैध मंडी” में तब्दील हुआ इलाका

पत्र में बार एसोसिएशन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि रातू रोड फ्लाईओर का हिस्सा जहाँ जाकिर हुसैन पार्क के समीप उतरता है, वहाँ से लेकर कचहरी चौक तक की सड़कें गंभीर अव्यवस्था की शिकार हैं। प्रतिदिन सुबह यहाँ नारियल और अन्य थोक सामानों की अवैध मंडी सजती है, जिससे पूरा क्षेत्र एक ‘अनौपचारिक मंडी’ बन चुका है। सड़क के दोनों ओर फुटपाथ पूरी तरह अवरुद्ध हैं, जिसके कारण अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और आम नागरिकों को दैनिक अपमान और जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।

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प्रशासनिक विफलता पर उठाए सवाल

एसोसिएशन ने इसे केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि “प्रशासनिक असफलता” करार दिया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि “तीसरी आँख” (CCTV), ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद राजभवन और न्यायालय जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्रों के सामने इस प्रकार का अतिक्रमण बना रहना व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

बार एसोसिएशन की मुख्य मांगें:

RDBA ने प्रशासन के समक्ष 6 प्रमुख बिंदु रखे हैं:

  1. फ्लाईओवर विस्तार: रातू रोड फ्लाईओर का तकनीकी परीक्षण कर उसे सीधे कचहरी रोड तक उतारने की व्यवहार्यता पर तुरंत निर्णय लिया जाए।
  2. वैकल्पिक मार्ग: बार भवन, व्यवहार न्यायालय और रजिस्ट्री कार्यालय आने-जाने के लिए सेक्रेटेरिएट या ट्यूलिप होटल के पास से एक सुरक्षित और निर्बाध वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जाए।
  3. नियमित जाँच और सर्वे: अवैध रुकावटों की जाँच हो कि किसके संरक्षण में यह गतिविधियाँ चल रही हैं। साथ ही, पार्किंग और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए संयुक्त सर्वे कर स्थाई योजना बनाई जाए।
  4. सुरक्षा के कड़े इंतजाम: इस अति-संवेदनशील क्षेत्र में सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन वाहनों के लिए अलग ‘इमरजेंसी लेन’ सुनिश्चित की जाए।
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“न्यायालय की गरिमा का विषय”

महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने पत्र में स्पष्ट किया है कि जब न्यायालय मार्ग ही जाम और अतिक्रमण से घिरा हो, तो यह किसी भी सभ्य प्रशासन के लिए चिंतनीय होना चाहिए। एसोसिएशन ने इस विषय पर उच्चस्तरीय संयुक्त निरीक्षण कराने और बार एसोसिएशन को भी विचार-विमर्श में शामिल करने का आग्रह किया है।

सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर लेफ्ट टर्न को फ्री रखने की व्यवस्था

राजधानी रांची में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है. इसी कड़ी में रांची नगर निगम नगर ने आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की, जिसमें शहर के ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए लॉंग टर्म प्लान पर विशेष जोर दिया गया. यह बैठक 23 अप्रैल को हुई थी। बावजूद स्थिति जस-तस ही बना हुआ है।

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सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर लेफ्ट टर्न को फ्री रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि यातायात का दबाव कम किया जा सके. वहीं, मेन रोड, कचहरी रोड, स्टेशन रोड, हरमू बाइपास, रातू रोड और सर्कुलर रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के खिलाफ लगातार अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से लगाए गए ठेला, गुमटी और अवैध रूप से खड़े वाहनों पर भी कार्रवाई करने की बात कही गई. इसके अलावा, पथ निर्माण विभाग के साथ समन्वय बनाकर सड़कों के डिवाइडर पर लगे क्षतिग्रस्त ग्रिल की मरम्मत जल्द कराने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश भी दिया गया.

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