Ranchi News: रांची जिला बार एसोसिएशन (आरडीबीए) के वर्तमान उपाध्यक्ष बीके राय के आकस्मिक निधन से अधिवक्ता जगत में गहरा शोक व्याप्त है। उनके निधन की खबर मिलते ही कोर्ट परिसर और बार भवन में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को आरडीबीए की ओर से बार भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां अधिवक्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।स्व. बीके राय (76) ने वर्ष 1973 में वकालत की शुरुआत की थी और अपने पांच दशक से अधिक लंबे पेशेवर जीवन में उन्होंने न केवल एक सफल अधिवक्ता के रूप में पहचान बनाई, बल्कि युवा वकीलों के मार्गदर्शक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे अपने सरल स्वभाव, अनुशासन और न्याय के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। अधिवक्ताओं के बीच उनकी छवि एक सुलझे हुए और मददगार वरिष्ठ के रूप में थी।
उनके सम्मान में आयोजित फुलकोर्ट रेफरेंस के तहत सोमवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से खुद को अलग रखा। इस दौरान न्यायालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और सभी ने उनके योगदान को याद किया। रविवार सुबह धुर्वा स्थित उनके आवास पर उनका निधन हो गया था। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में संपन्न किया गया, जहां परिजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। शोक सभा में आरडीबीए के अध्यक्ष एसपी अग्रवाल, महासचिव संजय कुमार विद्रोही, संयुक्त सचिव अभिषेक कुमार भारती, पुस्तकालय सचिव प्रदीप कुमार चौरसिया, कोषाध्यक्ष मुकेश कुमार केसरी, सहायक कोषाध्यक्ष दीनदयाल सिंह समेत कार्यकारिणी सदस्य शंकर कुमार शर्मा, बीरेंद्र प्रताप, मनीष कुमार, बबलू सिंह, रामकृष्ण भगत, असीम कच्चप और सोसन नाग के साथ डॉ रबिंद्र कुमार, अनिल कुमार सिंह महाराणा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने स्व. राय के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद करते हुए इसे अधिवक्ता समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।

