
Ranchi News: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के तत्वावधान में शांतिपूर्ण मध्यस्थता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 3 दिवसीय एडवांस्ड कोर्स (कैप्सूल कोर्स) की शुरुआत गुरुवार को विवेकानंद स्वच्छता एवं जल अकादमी (VISWA), कांके, रांची में की गई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 29 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन झालसा की सदस्य सचिव रंजना अथाना ने सुबह 10.30 बजे दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर झारखंड के सभी जिलों से चयनित कुल 50 शांतिपूर्ण मध्यस्थ (मीडिएटर) प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य मध्यस्थों को व्यावहारिक और विधिक रूप से और अधिक दक्ष बनाना है, ताकि वे मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निपटारे में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
मुख्य अतिथि सुश्री रंजना अथाना ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में मध्यस्थता से जुड़े कार्यों में तेजी लाई गई है। बीते दो वर्षों में मध्यस्थों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही विभिन्न अभियानों के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निपटारा कर पक्षकारों को शीघ्र न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि माननीय एमसीपीसी, सर्वोच्च न्यायालय के तत्वावधान में झालसा द्वारा समय-समय पर शांतिपूर्ण मध्यस्थों को प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे अधिकतम मामलों का समाधान संभव हो सके और योग्य मध्यस्थों का चयन प्रशिक्षक के रूप में भी किया जा सके। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में माननीय एमसीपीसी, सर्वोच्च न्यायालय से नामित प्रशिक्षक ए.के. राय, राजेश दास, शिवशंकर प्रसाद एवं विक्रमण कुमार पांडेय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 50 शांतिपूर्ण मध्यस्थों का प्रशिक्षण दो बैचों में कराया जा रहा है। झालसा का मानना है कि इन प्रशिक्षित मध्यस्थों के माध्यम से विभिन्न अभियानों के तहत मामलों का समाधान होगा, जिससे झारखंड के विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की संख्या में कमी आएगी और न्याय प्रणाली को नई गति मिलेगी।
