40 घंटे के हाइब्रिड मोड मध्यस्थता प्रशिक्षण का शुभारंभ
13 जिलों के 56 न्यायिक पदाधिकारियों को किया जा प्रशिक्षित
Ranchi News: MCPC, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के तत्वावधान में Sunday को झालसा सभागार, रांची में न्यायिक अधिकारियों के लिए 40 घंटे के हाइब्रिड मोड मध्यस्थता प्रशिक्षण का प्रथम बैच शुरू हुआ। दूसरा बैच 21 दिसंबर को देवघर में आयोजित होगा। प्रशिक्षण के तहत कुल 56 न्यायिक पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मध्यस्थता को न्यायिक प्रणाली में परिवर्तनकारी कदम बताते हुए झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि “निर्णयन में एक पक्ष जीतता है और दूसरा हारता है, लेकिन मध्यस्थता में समाज जीतता है।” उन्होंने रविवार को झालसा सभागार में 40 घंटे के हाइब्रिड मोड मध्यस्थता प्रशिक्षण के प्रथम बैच का शुभारंभ करते हुए उक्त बातें कही।

आगे कहा कि लंबित मामलों को कम करने और शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता ही सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि पक्षकारों में विश्वास और धैर्य बनाए रखना मध्यस्थ का प्रमुख दायित्व है। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों की भूमिका को उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में एमसीपीसी के वरीय प्रशिक्षक अशोक कुमार रे और प्रशिक्षक बरुन कुमार पांडे ने व्यावहारिक सत्र करवाए। प्रशिक्षण में रांची, जमशेदपुर, चाईबासा, सरायकेला, खूंटी, गुमला, पलामू, रामगढ़, सिमडेगा सहित 13 जिलों के न्यायिक अधिकारी एवं डालसा सचिव उपस्थित थे। कार्यक्रम का स्वागत भाषण सदस्य सचिव झालसा कुमारी रंजना अस्थाना ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन उप-निबंधक सह-उप सचिव अभिषेक कुमार ने किया।

