खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर लगाई रोक, 29 जनवरी को अगली सुनवाई
Ranchi News: झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश पर झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने गुरुवार को राज्य सरकार और जेयूटी की अपील पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ के 13 जनवरी के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। गौरतलब है कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (डीआईटी) की याचिका पर सुनवाई करते हुए 13 जनवरी को जेयूटी और एआईसीटीई के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
सरकार का पक्ष
खंडपीठ में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को 9 सितंबर 2025 को शैक्षणिक सत्र 2025-26 में केवल 60 छात्रों के नामांकन की अनुमति दी गई थी, लेकिन संस्थान ने नियमों का उल्लंघन करते हुए 138 छात्रों का नामांकन कर लिया। इसके बावजूद संस्थान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई 12 और 13 जनवरी को हुई थी।
CBI ने दर्ज की PE
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि एकलपीठ के आदेश के अनुपालन में प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज कर ली गई है।
क्या है पूरा मामला
धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि एआईसीटीई ने 30 अप्रैल 2025 को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए संस्थान को विधिवत स्वीकृति दी थी। इसी आधार पर संस्थान ने छात्रों का नामांकन लिया। बाद में झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने इन छात्रों को परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया, जिससे छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया। इसी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर एकलपीठ ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था।