Ranchi News: रांची। केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी), कांके में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने संस्थान के पूर्व दो निदेशकों डॉ. दया राम और प्रो. (डॉ.) बासुदेव दास समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद सीआईपी में हुए नियुक्ति व प्रशासनिक कार्यों को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में दोनों पूर्व निदेशकों के अलावा हेड क्लर्क नदीम अहमद और नर्स निर्मल्या चक्रवर्ती को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। सभी पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एजेंसी ने संकेत दिया है कि जांच के दौरान और भी सरकारी कर्मियों व निजी व्यक्तियों के नाम सामने आ सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, डॉ. दया राम ने 17 जनवरी 2013 से 14 फरवरी 2021 तक सीआईपी के निदेशक के रूप में कार्य किया। वह जनवरी 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं, डॉ. बासुदेव दास 15 फरवरी 2021 से 20 अक्तूबर 2023 तक संस्थान के निदेशक रहे। दोनों पर अपने-अपने कार्यकाल के दौरान नियुक्ति परीक्षाओं और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गंभीर अनियमितताएं बरतने का आरोप है। नर्सिंग नियुक्ति परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में वरीय नर्सिंग अफसर सह कंप्यूटर ऑपरेटर निर्मल्या चक्रवर्ती को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इसी प्रकरण में हेड क्लर्क नदीम अहमद की भूमिका भी जांच के घेरे में बताई जा रही है। गौरतलब है कि हाल ही में झारखंड सरकार ने चारों आरोपियों के खिलाफ सीबीआई जांच की अनुमति दी थी। इसके बाद सीबीआई ने राज्य सरकार से नियमित केस दर्ज करने की स्वीकृति मांगी थी, जो मिलने के बाद अब औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है। सीबीआई की इस कार्रवाई से सीआईपी में पिछले एक दशक के दौरान हुई भर्तियों और प्रशासनिक फैसलों की गहन जांच तय मानी जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

