Ranchi News: शहर में बिजली के खंभों पर केबल और इंटरनेट के तारों के अव्यवस्थित जाल को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने इंटरनेट सेवा बाधित होने पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि बिजली के खंभों से तारों का जाल हटाने का निर्देश दिया गया था, इंटरनेट सेवा बंद करने का नहीं। बिना सोचे-समझे कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
अदालत ने हाईकोर्ट की इंटरनेट सेवा दो घंटे में बहाल करने और इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया। दूसरे पहर हुई सुनवाई में अधिकारियों ने सेवा पूरी तरह बहाल होने की जानकारी दी। सुनवाई में विभिन्न इंटरनेट और केबल कंपनियों के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि अन्य क्षेत्रों में भी सेवा बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों में दो दिन में इंटरनेट सेवा बहाल करने का आश्वासन दिया गया।
कोर्ट ने कंपनियों को 15 सितंबर तक पूरे रांची शहर में इंटरनेट सेवा बहाल कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।
बिजली निगम के सीएमडी को भी फटकार
कोर्ट के आदेश पर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के सीएमडी उपस्थित हुए। अदालत ने कहा कि तारों का जाल हटाने के दौरान इंटरनेट सेवा बाधित करना आदेश का उद्देश्य नहीं था। सभी विभागों को समन्वय से कार्रवाई करने की हिदायत दी गई।
ऊर्जा सचिव करेंगे बैठक
अदालत ने ऊर्जा सचिव को सभी केबल कंपनियों और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक करने का निर्देश दिया, ताकि तारों को व्यवस्थित करने के साथ इंटरनेट सेवा भी सुचारु बनी रहे।

