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सौ करोड़ वसूलीकांडः देशमुख की याचिका खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आरोप गंभीर

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 09 Apr, 2021
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New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और राज्य के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की ओर से दाखिल उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें बॉम्बे हाई कोर्ट के पांच अप्रैल को दिए गए सीबीआई जांच के खिलाफ दाखिल की गई थी। हाई कोर्ट ने देशमुख के खिलाफ प्रारंभिक जांच का आदेश जारी किया था। अदालत ने यह आदेश मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से देशमुख पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर दिया था।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एसके कौल ने कहा कि अनिल देशमुख पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं, गृह मंत्री और पुलिस कमिश्नर इसमें शामिल हैं। ये दोनों करीबी से साथ काम करते रहे जब तक दोनों की राह अलग नहीं हो गई और दोनों के पास प्रतिष्ठित पद था। उन्होंने सवाल किया कि क्या सीबीआई को इसकी जांच नहीं करनी चाहिए? उन्होंने कहा कि आरोपों की प्रवृत्ति और इसमें शामिल लोगों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

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जस्टिस कौल ने इस दौरान कहा कि वह व्यक्ति आपका (अनिल देशमुख का) दुश्मन नहीं था, जिसने आपके ऊपर आरोप लगाए। बल्कि, यह काम उस व्यक्ति ने किया जो लगभग आपका दायां हाथ (परमबीर सिंह) था। जस्टिस एसके कौल ने कहा कि दोनों के खिलाफ जांच की जानी चाहिए। वहीं, अनिल देशमुख की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि बिना अनिल देशमुख का पक्ष सुने कोई प्राथमिक जांच नहीं की जा सकती है।

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वहीं, अनिल देशमुख ने अदालत से कहा कि मुझ पर बिना किसी आधार के मौखिक आरोप लगाए गए और मेरी बात सुने बिना ही बिना हाई कोर्ट की ओर से सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। इस पर अदालत ने कहा कि आरोप इतने गंभीर हैं, इसकी सीबीआई जांच क्यों नहीं होनी चाहिए। बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने पांच अप्रैल को आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश दिया था, जिसके बाद देशमुख ने महाराष्ट्र के गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

इन याचिकाओं के जरिए बॉम्बे उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोपों की सीबीआई जांच का निर्देश दिया गया था। इन दोनों याचिकाओं की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने की। उधर, सीबीआई ने अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की अपनी जांच आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को उनके खिलाफ एक प्राथमिक जांच दर्ज की थी।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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