Ranchi News: झारखंड हाई कोर्ट ने पुलिस द्वारा सरकारी वकीलों को केस डायरी उपलब्ध कराने में हो रही अत्यधिक देरी पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में बाधा बताते हुए भविष्य में समयसीमा का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई करते हुए Justice Deepak Roshan की अदालत ने सुखदेव कर्मकार की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इस स्थिति को निराशाजनक बताया। कोर्ट ने आश्चर्य जताया कि जुलाई 2025 में दर्ज एक मामले की केस डायरी अब तक राज्य के अधिवक्ता को उपलब्ध नहीं कराई गई है।
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि अधिकांश मामलों में जब तक कोर्ट से विशेष आदेश नहीं होता, पुलिस केस डायरी नहीं भेजती है। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि भविष्य में किसी मामले की जानकारी मिलने के 10 दिनों के भीतर पुलिस को अनिवार्य रूप से केस डायरी सरकारी वकील को उपलब्ध करानी होगी। अदालत ने कहा कि केस डायरी उपलब्ध नहीं होने के कारण कई बार मामलों की सुनवाई केवल डायरी मंगवाने के लिए स्थगित करनी पड़ती है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होती है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने और सरकारी वकीलों को समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित मामले में निचली अदालत से केस डायरी तलब करते हुए अगली सुनवाई की तिथि 23 मार्च निर्धारित की है।

